कसबे में चल रही रामलीला में अहिल्या उद्धार ,गंगा कथा और पुष्प वाटिका लीला का मंचन किया गया। ऋषि विश्वामित्र के यज्ञ में राक्षस विघ्न डाल रहे थे। यज्ञ को संपन्न करने के लिए विश्वामित्र राजा दशरथ के पास पहुंचे और यज्ञ संपन्न कराने के लिए राम और लक्ष्मण को मांगा।
सभा में बैठे वशिष्ठ ने राजा दशरथ को समझाया कि राम और लक्ष्मण का जन्म तो असुरों के विनाश के लिए हुआ है। इसलिए इन्हें विश्वामित्र के साथ जाने दें। राम और लक्ष्मण की देखरेख में ऋषि विश्वामित्र ने यज्ञ पूरा किया। यज्ञ के दौरान भगवान राम ने ताड़का का वध कर दिया। देर रात पुष्प वाटिका लीला का मंचन किया गया। कलाकारों ने अहिल्या उद्धार लीला का भी सजीव मंचन किया।