पानी को तरस रहे बुंदेलखंड के लोगों की प्यास बुझाने के लिए केंद्र सरकार ने ड्यूलपंप वाली जलापूर्ति योजना शुरू की है। यह योजना प्रदेश के 32 जिलों में संचालित होगी और इसमें 1500 सौर उर्जा से संचालित ड्यूलपंप लगाए जाएंगे। योजना के तहत ड्यूलपंप ऐसे गांवों में लगेंगे, जहां की आबादी तीन हजार से ज्यादा है।
जिले के 20 गांवों में ड्यूलपंप लगाने की योजना है। फिलहाल, 12 गांवों की सूची तैयार कर ली गई है। जलनिगम को कार्यदायी संस्था बनाया गया है। एक पंप पर 6.50 लाख रुपये की लागत आने की बात कही गई है। बुंदेलखंड में पानी को लेकर राजनीतिक गलियारों में छिड़ी जंग के बीच यह योजना कारगर साबित हो सकती है। शासन की मंशा के अनुरूप, तीन हजार की आबादी वाले गांव में एक व पांच हजार से ज्यादा की आबादी वाले गांव में दो ड्यूलपंप स्थापित किए जाएंगे।
हैंडपंपों पर स्थापित होंगे डीसी पंप
योजना के तहत, हैंडपंप क ी बोरिंग की जाएगी और जिसमें दो पंप उतारे जाएंगे। एक पंप हाथ से चलाने पर पानी देगा, जबकि दूसरे पंप पर डीसी मोटर स्थापित होगी। डीसी मोटर पंप सौर ऊर्जा से संचालित होगा। इसी पंप की मदद से पास में रखी एक हजार लीटर क्षमता की टंकी को भरा जाएगा। इस टंकी से 35-35 मीटर की दूरी पर दो स्थानों पर स्टैंडपोस्ट लगेंगे। जिनकी मदद से ग्रामीणों को पानी उपलब्ध कराया जाएगा। टंकी न भरने की स्थिति में ग्रामीण हैंडपंप को हाथ से चलाकर भी पानी भर सकेंगे। इस डीसी पंप की खासियत यह होगी कि दिन में जब भी टैंक खाली होगा, सौर ऊर्जा से संचालित पंप आटोमैटिक चालू हो जाएगा और जब तक टैंक नहीं भरेगा चलता रहेगा। जैसे ही टैंक पूरा भर जाएगा, पंप स्वत: बंद हो जाएगा।
सौरऊर्जा से लगने वाले चयनित हैंडपंप स्थल
सुमेरपुर ब्लाक के मुंडेरा में रामकुमार यादव के मकान के सामने ड्यूलपंप स्थापित होगा। इसी तरह कैथी गांव में अर्जुन सिंह, चंदपुरवा में कल्लू कुशवाहा, बिदोखर मेंदनी में देवीदीन कुशवाहा, बिदोखर पुरई में लल्लू, मवईजार में महेश कुमार, बांकी में अशोक यादव, नदेहरा में शाकिर हुसैन, पौथिया में शंकरजी के चबूतरे के पास ड्यूलपंप लगाए जाने हैं। गोहांड ब्लाक में चिल्ली में किशना, अकोना में कामता बढ़ई, राठ ब्लाक के टोलारावत में मूलचंद्र के मकान के सामने सौर ऊर्जा आधारित ड्यूलपंप लगेंगे।