फोटो 18 एचएएमपी 04 अलरा गौरा गांव में क्षतिग्रस्त बिजली लाइन की मरम्मत करते कर्मचारी। संवाद
गहरौली (हमीरपुर)। अलरा गौरा गांव में पिछले करीब तीन सप्ताह से सिंचाई और पेयजल व्यवस्था प्रभावित थी। 28 मई को आए तेज आंधी-तूफान से बिजली लाइनें क्षतिग्रस्त हो गई थीं। इससे किसानों में धान की नर्सरी तैयार करने का संकट गहरा गया था। अमर उजाला में 18 जून के अंक में ग्रामीणों व किसानों की समस्या को प्रमुखता से प्रकाशित किया गया था। इसके बाद बिजली निगम ने गंभीरता दिखाई। विभाग की टीम गांव पहुंची और क्षतिग्रस्त लाइनों की मरम्मत की।
आंधी-तूफान के कारण छह से अधिक निजी नलकूपों की विद्युत लाइनें और पोल टूट गए थे। जल जीवन मिशन के नलकूप तथा एक मोबाइल टावर की बिजली लाइन भी खराब हो गई थी। बिजली आपूर्ति ठप होने से खेतों की सिंचाई रुक गई थी। धान की नर्सरी और बुवाई का कार्य पिछड़ने लगा था। पेयजल व्यवस्था पर भी इसका असर पड़ रहा था।
ग्रामीण अवधेश राजपूत, उदयचंद द्विवेदी, विनय तिवारी और प्रकाश तिवारी ने बताया कि नमामि गंगे योजना के सरकारी नलकूप तक भी बिजली नहीं पहुंच रही थी। इससे किसानों के साथ-साथ ग्रामीणों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। विद्युत आपूर्ति बहाल होने से सिंचाई कार्य दोबारा शुरू हो गया है। विद्युत आपूर्ति बहाल होने से किसानों ने राहत की सांस ली है।