मौदहा (हमीरपुर)। मोहल्ला हुसैनगंज निजामीपुरा में बज्मे करीम मौदहा के बैनर तले माहाना तरही मुशायरे का आयोजन किया गया। अध्यक्षता कुदरत उल्लाह तिशना ने की। मुख्य अतिथि डॉ. इमाम उद्दीन रहे। संचालन मूलचंद्र वारसी ने किया।
फहीम रजा खेड़ा राठ ने नात पढ़कर मुशायरे का आगाज किया। मुशायरे में दिए गए मिसरे ‘अपने चेहरे से जो जाहिर है छुपाएं कैसे’ और काफिया ‘पयाम’ पर शायरों ने अपने कलाम पेश किए।
बदरुद्दीन तायब ने पढ़ा, ‘जो पाक है गुनाह से चलता है नेक राह, दोजख तो ऐसे शख्स पे मुतलक हराम है।’ वहीं फहीम रजा ने ‘गुजरे लम्हात पलटकर कभी आएं कैसे, दे रहा है दिले बेताब सदाएं कैसे’ सुनाकर वाहवाही लूटी।
यावर मौध्वी, रमजान खां साहिल, सफीर माचवी, कमर निजामी, आकिल बिजनौरी, तकी मौधवी, फरीद परछवी, हरिप्रकाश कौशल, संगीता गुप्ता कुरारा, कलंदर निजामी, नीतिराज यादव, शोएब मौधवी, शजर हमीरपुर, इस्लाम मौध्वी, मुन्ना बॉर्डर और निजाम मौधवी समेत अन्य शायरों ने कलाम पेश किए। श्रोताओं ने शायरों को दाद से नवाजा। अंत में यावर मौध्वी ने सभी शायरों और श्रोताओं का आभार जताया।