हमीरपुर। जिले के 11 पीएम श्री विद्यालय अब औषधीय पौधों की सुगंध से महकेंगे। विद्यार्थियों को प्रकृति व हरियाली से जोड़ने के लिए स्कूलों में स्वच्छ एवं हरित कैंपस हर्बल पार्क विकसित करने का फैसला लिया गया है। इनमें औषधीय पौधों के साथ अन्य प्रजातियों के पेड़ लगाए जाएंगे। इससे न केवल पर्यावरण में सुधार होगा, बल्कि बच्चों में पेड़ लगाने के प्रति भी लगाव बढ़ेगा। शासन ने हर्बल पार्क विकसित करने के लिए प्रति विद्यालय 30 हजार रुपये की वित्तीय सहायता दी जा रही है।
बेसिक शिक्षा निदेशालय द्वारा सभी बीएसए को निर्देश दिए गए हैं। विभाग के निर्देशानुसार रोगों की रोकथाम और स्वास्थ्य संवर्धन को लेकर औषधीय पौधों की महत्ता के प्रति विद्यार्थियों को अवगत कराया जाएगा। इन स्वच्छ एवं हरित कैंपस में औषधीय महत्व वाली वनस्पतियां विकसित करके विद्यार्थियों को उनकी पहचान कराई जाएगी। शिक्षा निदेशालय द्वारा निर्देश दिए गए हैं कि विद्यालय में वृक्ष प्रजातियों सहित औषधीय पौधों की 10 से 15 प्रजातियों के लिए 200-300 वर्ग मीटर जगह किसी विद्यालय में है तो वह आवेदन कर सकते हैं। शिक्षक और विद्यार्थी हर्बल कैंपस का रखरखाव करेंगे। इससे उनके द्वारा पोषित प्रजातियों के लाभों और उपयोग के बारे में विद्यार्थियाें का ज्ञान बढ़ेगा।
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मिलेगी वित्तीय सहायता
कैंपस के रखरखाव लागत के तौर पर प्रति विद्यालय 30 हजार रुपये दिए जाएंगे। इसमें भूमि तैयारी, गड्ढे की खुदाई एवं खाद के लिए 6,000, पौध सामग्री को 8,000, ग्रीन शेड संरचना निर्माण को 6,000, सिंचाई व्यवस्थापक के लिए 4,000, नामपट्ट बोर्ड 3,000, रख-रखाव, कटाई उपकरण व स्टोरेज सुविधा को 3,000 रुपये दिए जाने का प्रावधान किया गया है। कुल 11 पीएम श्री विद्यालयों के लिए 3.30 लाख का बजट जारी किया गया है।
लगाए जाएंगे ये पौधे
- औषधीय पौधे: अश्वगंधा, तुलसी, गिलोय, एलोवेरा, नीम, हरड़, आंवला आदि।
- सुगंधित पौधे: लेमनग्रास, पुदीना, सतावरी, सिट्रोनेला आदि।
- अन्य उपयोगी पौधे: गेंदा, हल्दी, अदरक, सहजन आदि पौधे रोपित किए जाएंगे।
सभी बीईओ को पीएम श्री विद्यालयों में हर्बल एवं औषधीय उद्यान विकसित किए जाने के लिए निर्देश दिए गए हैं। प्रति विद्यालय 30 हजार रुपये भी जारी कर दिए गए हैं। जल्द ही इन विद्यालयों को हर्बल गार्डेन के रूप में विकसित किया जाएगा। - आलोक सिंह, बीएसए।