बिवांर (हमीरपुर)। हमीरपुर के बिवांर और भरखरी गांवों में खेल मैदानों की बदहाली युवाओं की खेल प्रतिभा के विकास में बाधा बन रही है। क्षेत्र के ज्यादातर युवा मिनी स्टेडियम की बदहाली से पलायन करने के लिए मजबूर हैं। गांवों में युवाओं की प्रतिभा को निखारने के लिए तैयार कराए गए मिनी स्टेडियम में कहीं बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं तो कहीं जलभराव और झाड़ियां उग आई हैं।
लगभग 30 हजार की आबादी वाला बिवांर कस्बा खेलकूद मैदान से विहीन है। संवाद न्यूज एजेंसी टीम ने रविवार को यहां के मिनी ग्रामीण स्टेडियम की पड़ताल की। मैदान में जगह-जगह बड़े गड्ढे और कटीली झाड़ियां उगीं मिलीं जिससे यहां खेलना-कूदना मुश्किल हैं। स्टेडियम का गेट करीब एक साल से टूटा है जिससे आवारा मवेशी अंदर घुसते रहते हैं। चार हजार की आबादी वाले भरखरी गांव में भी खेल मैदान नहीं है। ग्राम पंचायत ने खेल मैदान के लिए भूमि निर्धारित नहीं की है जिससे युवा खाली जगहों पर खेलने के लिए मजबूर हैं।
क्षेत्र से पलायन कर रहीं खेल प्रतिभाएं
मित्रों के साथ इसी मैदान में क्रिकेट खेलते हैं लेकिन मैदान का समुचित रखरखाव नहीं किया जा रहा है। युवाओं के लिए खेलकूद की समुचित व्यवस्था नहीं है। इसके अभाव में प्रतिभाएं क्षेत्र से पलायन कर रही हैं - श्यामू पाठक, बिवांर।
कानपुर क्रिकेट अकादमी में किया आवेदन
गांव के देवी मंदिर के पास खाली पड़ी जमीन पर क्रिकेट खेलते थे। वहां पानी भरा होने के कारण फिलहाल खेलना संभव नहीं हो पा रहा है। दोस्त लकी, भविष्य और श्यामजी ने कानपुर क्रिकेट अकादमी में आवेदन किया है। - हरिमाधव, भरखरी।
अबतक की जानकारी में जिले भर में दो ही मिनी स्टेडियम हैं। बिवांर कस्बे के स्टेडियम के बारे में उन्हें जानकारी नहीं है। इसकी जांच कराकर व्यवस्थाएं दुरुस्त कराई जाएंगी। - मतगंजन कुमार, प्रभारी जिला युवा कल्याण अधिकारी।
फोटो 25 एचएएमपी 05- बिवांर कस्बे का ऊबड़-खाबड़ खेल मैदान। संवाद
फोटो 25 एचएएमपी 05- बिवांर कस्बे का ऊबड़-खाबड़ खेल मैदान। संवाद
फोटो 25 एचएएमपी 05- बिवांर कस्बे का ऊबड़-खाबड़ खेल मैदान। संवाद