हमीरपुर। दो साल पहले किशोरी को बहला फुसलाकर अगवा करने और सामूहिक दुष्कर्म के मामले में एक युवक की जमानत याचिका अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश गीतांजलि गर्ग ने खारिज कर दी।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता राजेश कुमार तिवारी व रामबाबू अवस्थी ने बताया कि मामला कुरारा थानाक्षेत्र का है। एक गांव के पीड़ित पिता ने पुलिस को दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया था कि उसकी 17 वर्षीय पुत्री को गांव निवासी बृजेश कुमार व राजेश कुमार अपने मित्रों के साथ आठ अक्तूबर 2019 को रात करीब दो बजे अगवा कर ले गए थे। बाद में बरामद कर पुलिस ने पीड़िता के अदालत में बयान कराए। इसमें कल्लू, सुक्खा, बउवा उर्फ संदीप व सुभाष को आरोपित किया गया। वहीं विवेचना में पुलिस ने कल्लू, सुक्खा, राजेश व बृजेश को आरोप मुक्त कर दिया। बताया कि पीड़िता के बयान में सुभाष व बउवा उर्फ संदीप उसे ट्रैक्टर से जिला मुख्यालय तक ले गए थे। वहां से उसे बस के जरिए दिल्ली ले गए। वहां एक कमरे में खाने में कुछ खिलाकर दो दिनों तक सामूहिक दुष्कर्म किया था। बताया कि एक आरोपी सुुुुभाष उच्च न्यायालय से जमानत पर बाहर है जबकि एक आरोपी बउवा उर्फ संदीप जिला कारागार में निरुद्ध है। बउवा की ओर से डाली गई जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने उसकी जमानत अर्जी खारिज कर दी।