फोटो15एचएएमपी 21- चुन्नू मियां। मार्केट में रोजा इफ्तार करते रोजेदार। संवाद
भरुआ सुमेरपुर (हमीरपुर)। माहे रमजान की सबसे बरकत वाली रात शबे कद्र को लेकर इस्लामी किताबों और रिवायतों में कई खास निशानियों का जिक्र मिलता है। इन्हीं में एक मशहूर रिवायत यह भी है कि इस मुबारक रात में समुद्र का खारा पानी भी मीठा हो जाता है। मौलाना रियाजुल हसन ने बताया कि हदीसों में जिक्र है कि अल्लाह की कुदरत और इस रात की अजमत की एक निशानी मानी जाती है। कहा जाता है कि जो बंदा इस रात को इबादत, तौबा और दुआ में गुजारता है, उसे हजार महीनों से बेहतर सवाब मिलता है। शबे कद्र की फजीलत के कारण मुसलमान पूरी रात इबादत में मशगूल रहते हैं।
मौलाना रियाजुल हसन ने बताया कि हदीस में शबे कद्र को हजार महीनों से बेहतर रात बताया गया है। हदीस शरीफ में आता है कि जो व्यक्ति इस मुबारक रात में ईमान और सवाब की नियत से इबादत करता है, उसके पिछले गुनाह माफ कर दिए जाते हैं।
चुन्नू मियां बाजार में आयोजित हुई रोजा इफ्तार पार्टी
भरुआ सुमेरपुर। माहे मुबारक रमजान के आखिरी अशरे में कस्बे में रोजा इफ्तार कार्यक्रमों का सिलसिला तेज हो गया है। रविवार को कस्बे के चुन्नू मियां बाजार में रोजा इफ्तार पार्टी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के आयोजक सिद्दीक अहमद ने बताया कि रोजेदारों को इफ्तार कराना बहुत बड़ा सवाब का काम माना जाता है।
फोटो 15सीकेटीपी 15 राजापुर कस्बा के गयागंज मोहल्ला में गैस सिलिंडर बंटवाती पुलिस। संवाद