फोटो 05 एमएएचपी 16 परिचय-शहर के ऐतिहासिक कीरत सागर में कार्तिक पूर्णिमा पर स्नान के बाद जल अर्
महोबा/चरखारी/खरेला। कार्तिक पूर्णिमा पर बुधवार को कार्तिक स्नान करने वाली महिलाओं की जलाशयों में भारी भीड़ जुटी। स्नान और जल अर्पण के बाद महिलाओं ने विधि-विधान से भगवान शिव व मां गंगा की पूजा कर आर्शीवाद लिया। मंदिरों और जलाशयों के पास महिलाएं कृष्णा भक्ति में सराबोर रहीं। ढोल-नगाड़ों की धुन पर महिलाएं जमकर थिरकीं। पूजा-अर्चना के बाद महिलाओं ने परिवार के सुख-समृद्धि की कामना की।
हिंदू धर्म में कार्तिक पूर्णिमा का विशेष महत्व है। मान्यता है कि इस दिन गंगा स्नान से सभी पापों का नाश होता है। यही वजह है कि भोर से ही महिलाओं की जलाशयों में भारी भीड़ जुटी। महिलाओं ने सूर्योदय से पहले स्नान कर दीपक जलाए। इसके बाद विधि-विधान से तुलसी पूजा की। समूह में शामिल महिलाओं ने जलाशयों में स्नान के बाद सूर्य को अर्घ्य दिया। ब्राह्मणों से कथा सुन दक्षिणा दी। शहर के ऐतिहासिक कीरत सागर, मदन सागर, चरखारी के सप्त सरोवर, रिवई तालाब आदि स्थानों पर भोर से ही महिलाओं की भीड़ नजर आई। कार्तिक गीतों के बीच पूजा-अर्चना कर रहीं महिलाओं ने कृष्ण और गोपी के रूप में लीलाएं की। ज्योतिषाचार्य पं. भरत त्रिपाठी ने बताया कि कार्तिक पूर्णिमा का धार्मिक महत्व है। इस दिन स्नान और दीपदान करने से सभी पापों का नाश होता है। यह आत्मशुद्धि, मोक्ष व ईश्वरीकृपा प्राप्त करने का अवसर माना जाता है।
फोटो 05 एमएएचपी 16 परिचय-शहर के ऐतिहासिक कीरत सागर में कार्तिक पूर्णिमा पर स्नान के बाद जल अर्
फोटो 05 एमएएचपी 16 परिचय-शहर के ऐतिहासिक कीरत सागर में कार्तिक पूर्णिमा पर स्नान के बाद जल अर्
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