भरूआसुमेरपुर (हमीरपुर)। थानाक्षेत्र के सुरौली गांव में पुरानी रंजिश के चलते खेतों से लौटकर आ रहे एक वृद्ध पर विरोधियों ने फायरिंग शुरू कर दी। उसने एक घर में घुसकर जान बचाई। घटना की सूचना पर पुलिस चौकी का सिपाही अपने साथ होमगार्ड को लेकर पहुंचा और फायरिंग कर रहे लोगों को ललकारा। इस पर हमलावरों ने पुलिस पर ही फायर झोक लिया। जवाबी फायरिंग करने पर आरोपी भाग निकले। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस अधीक्षक दिनेश पाल सिंह पहुंचे। उन्होंने सिपाही की बहादुरी पर एक हजार रुपये का ईनाम दिया है।
सुरौली गांव निवासी छत्रपाल सिंह व चंद्रपाल सिंह के बीच पुरानी रंजिश चली आ रही है। वर्ष 2012 में छत्रपाल अपने घर पर बरूआ निवासी लल्लू उर्फ अनमोल यादव के साथ दावत उड़ा रहा था। तभी उसका विरोधी चंद्रपाल सिंह व उसके पुत्र राजू सिंह, भूरु सिंह व भंाजा रानू भदौरिया उसके घर पर हमालकर दिया। फायरिंग में लल्लू की मौत हो गई।
छत्रपाल ने इस घटना में इन लोगों को आरोपियों बनाया था। इसी पुरानी रंजिश के चलते शुक्रवार को चंद्रपाल खेतों से घर आ रहा था तभी डाकघर के पास छत्रपाल सिंह अपने चार पांच साथियों के साथ पहुंचा और फायरिंग करने लगा। लेकिन चंद्रपाल बचते हुए कालीचरन के घर में घुस गया।
इस बीच उसने अपने मोबाइल से गांव निवासी दामाद राजबहादुर को घटना बताई। इस पर उसने पुलिस में जानकारी दी। पुलिस चौकी में तैनात सिपाही अमरनाथ साथियों को लेकर पहुंचा। फायरिंग करने वालो को ललकारा। लेकिन फायरिंग रोकने के बजाय आरोपी पुलिस पर फायरिंग करने लगे। जिसके जबाव में सिपाही ने जवाबी फायरिंग की।
जिससे आरोपी मौके से भाग निकले। थानाध्यक्ष सुभाष कुमार यादव ने बताया कि पीड़ित चंद्रपाल और सिपाही की ओर से आरोपी छत्रपाल सहित अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जा रहा है। इस मामले में पुलिस अधीक्षक दिनेश पाल सिंह ने बताया कि चंद्रपाल की हत्या रोकने में सिपाही अमरनाथ ने दिलेरी से काम किया। इस पर उसे एक हजार रुपये का इनाम दिया जाएगा।