रोडवेज कर्मचारियों की समस्याओं का निस्तारण न होने पर 4 नवंबर की मध्य रात्रि से बसों के चक्के जाम कर दिए जाएंगे। मंगलवार को रोडवेज डिपो परिसर में हुई बैठक में कर्मचारियों ने ये निर्णय लिया।
चित्रकूट धाम मंडल बांदा के क्षेत्रीय अध्यक्ष अब्दुल जब्बार की अध्यक्षता में हुई बैठक में कहा गया कि 4 की रात 12 बजे तक सरकार द्वारा कोई स्थायी समाधान नहीं निकला गया तो रोडवेज कर्मी 12 घंटे के लिए काम बंद हड़ताल करेंगे।
अब्दुल जब्बार ने कहा कि 15 फरवरी 2015 को कर्मचारियाें की विभिन्न समस्याओं को लेकर सरकार को 13 सूत्रीय मांग पत्र दिया गया था। 21 और 22 अप्रैल को निगम स्तर पर तत्कालीन प्रबंध निदेशक की अध्यक्षता में रोडवेज परिषद के प्रतिनिधिमंडल के साथ समझौता वार्ता हुई थी।
लेकिन सरकार ने चालकों-परिचालकों को चालक पद का न्यूनतम वेतन भत्ता दिए जाने, 910 पदों पर संविदा परिचालकों का नियमितीकरण करने, मंहगाई भत्ता देने, मृतक आश्रितों की नियुक्ति संबंधी मांगों पर ध्यान नहीं दिया। डिपो शाखा मंत्री विजय नारायण विश्वकर्मा ने कहा कि रोडवेज कर्मचारियों का उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
मीटिंग के दौरान कैलास चंद्र सोनी, मुबीन अहमद, आरके गुप्ता, संदीप सोनी, शफी खान, सुकरती कुमार, नईम, शिव चंद्र सचान, शैलेंद्र पांडेय, रईस अहमद अंसारी, आबिद हुसैन, मानिक, विनोद, रमश, इकराम अली, कृष्ण गोपाल, छेदालाल, सलाम, रसीद, प्रभुदयाल, इसरार, शौकत आदि कर्मचारी मौजूद रहे।