क्षेत्र के टिकरौली गांव स्थित प्राचीन देवी मंदिर
में धन गड़े होने के लालच में अराजकतत्वों बीती रात गहरा गड्ढा खोद डाला।
शनिवार सुबह पूजा अर्चना को गए भक्तों ने फर्श खुदा देखा तो थोड़ी देर में
ग्रामीणों की भीड़ लग गई। सूचना पाकर पहुंची कोतवाली पुलिस ने गड्ढे को
पक्का कराने के बाद साधू वेशधारी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी
है।
सदर कोतवाली क्षेत्र के टिकरौली गांव के बाहर बेतवा नदी किनारे
दुर्गा माता का प्राचीन मंदिर है। इस मंदिर को लोग हिंगलाज मंदिर के नाम से
जानते हैं।
प्राचीन मंदिर में धन के गड़ा होने के शक पर अराजकतत्वों ने
बीती रात मंदिर के गर्भगृह के पक्के फर्श को दस फीट गहराई तक खोद डाला।
शनिवार सुबह महिलाएं व अन्य भक्त जब पूजा अर्चना को मंदिर पहुंचे तो मंदिर
का फर्श खुदा देखा।
थोड़ी देर में यह खबर समूचे गांव में आग की तरह फैल गई
और गांव के लोगाें का हुजूम मंदिर में इकट्ठा हो गया। ग्रामीणों ने मामले
की जानकारी कोतवाली पुलिस को दी।
जिस पर कुछेछा चौकी प्रभारी आरडी यादव मय
फोर्स के मौके पर पहुंचे। उन्होंने राजमिस्त्री बुलाकर अपने सामने ही
खुदाई वाले स्थान पर मिट्टी भरवाकर पक्का करा दिया।
चौकी प्रभारी ने बताया
कि मामले में एक साधू वेशधारी को पूछताछ के लिए कोतवाली लाया गया है।
मामले की जांच की जा रही है।
साधूवेशधारी गांव निवासी बदलू प्रसाद ने बताया
कि मंदिर के पास ही उसका खेत है। वह भी अन्य भक्तों की तरह रोजाना सुबह
मंदिर में पूजा करने आता है। खुदाई के बारे में उसे कुछ भी जानकारी नहीं
है।