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Hamirpur News: दूध-घी, खोया-पनीर, तेल सब कुछ बाजार में बिक रहा मिलावटी

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हमीरपुर। बाजार में दूध-घी, खोया पनीर, तेल समेत सब कुछ नकली बिक रहा है।
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एक साल में भेजी गई रिपोर्ट की जांच में यह सामने आया है। वहीं, होली के त्योहार में एक बार फिर से मिलावट का बाजार सज गया है जो सेहत के लिए हानिकारक है। जब तक जांच रिपोर्ट आती है तब तक सारा मिलावटी माल बाजार में खप जाता है। एक साल में अब तक आई जांच रिपोर्ट में करीब 57 प्रतिशत खाद्य पदार्थ फेल साबित हुए हैं। अब तक 43 नमूनों की रिपोर्ट आना बाकी है, जिससे यह प्रतिशत और ज्यादा हो सकता है।
जिले में खाद्य पदार्थों की मिलावट में प्रभावी रोकथाम के लिए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने एक अप्रैल 2023 से 11 मार्च 2024 तक कुल 878 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। विभाग ने 283 खाद्य नमूने जुटाए थे, जिन्हें जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा था। इनमें 240 नमूनों की जांच रिपोर्ट अब तक उपलब्ध नहीं हो सकी है। 137 नमूने जांच में अधोमानक, असुरक्षित फेल पाए गए हैं। जिन पर न्यायालय ने कुल 39 लाख 60 हजार 500 रुपये का अर्थदंड लगाया है। अभी भी 43 नमूनों की जांच रिपोर्ट आना शेष है, जिससे 57 फीसदी से यह आंकड़ा और आगे बढ़ सकता है।
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जांच में फेल हुए प्रतिष्ठानों के नमूनों में 140 ने कोर्ट में वाद दायर किया था, जिसमें 123 वादों का निर्णय हो सका है। 39.60 लाख से अधिक का जुर्माना वसूला गया है। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट हमीरपुर व राठ में कुल 20 वाद दायर किए गए हैं। विशेष न्यायालय बांदा में 10 वाद दायर हैं। 59 प्रतिष्ठानों को सुधार नोटिस जारी की गई हैं। वहीं, 43 प्रतिष्ठानों के खिलाफ आरसी की कार्रवाई की गई है। जिसका कुल मूल्य 13 लाख पांच हजार है।
बीते एक साल में 240 नमूनों की जांच रिपोर्ट आई है। दायर 140 वादों में 123 वादों का निर्णय न्यायालय द्वारा किया गया है। 39 लाख से अधिक का जुर्माना वसूला गया है। कहा कि शेष नमूनों की जांच रिपोर्ट इसी माह के अंत तक मिल जाएगी। सभी दुकानों की जांच की जाती है। -रामअवतार यादव, सहायक आयुक्त, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग मिलावट मनमुताबिक दुकानों पर छापा मारकर जांच कर सैंपल भेजता है। अपनेे चहेतों की दुकानों से दूरी बनाकर रखता है, जिससे उनकी मिलावट की जानकारी पता ही नहीं चल पाती है। वहीं, जिन दुकानों के नमूने फेल हो जाते हैं। उनकी जानकारी विभाग नहीं देता है।
जिला अस्पताल के वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. आरएस प्रजापति के अनुसार मिलावटी खाद्य पदार्थों का लंबे समय तक उपयोग करने से मधुमेह, कोलेस्ट्रॉल, मोटापा, ह्रदय रोग, किड़नी की बीमारी देता है। बच्चों में शारीरिक विकास पर भी असर पड़ता है।
थोड़े से पनीर और खोया को अलग-अल कांच के बर्तन में मैश कर स्वच्छ पानी में घोल लें। इनमें दो तीन ड्रॉप टिंचर आयोडीन मिलाएं। अगर इनका रंग नीला हो जाता है तो समझ लीजिए ये मिलावटी हैं। खोया व पनीर में स्टार्च मिलाया जाता है। देसी घी में आलू, मीठे आलू व स्टार्च की मिलावट का पता लगाने के लिए आधा चम्मच घी और मक्खन को शीशे के गिलास में डालें। इसमें दो तीन ड्रॉप टिंचर आयोडीन की डालें। अगर इसका रंग नीला हो जाए तो इसमें मिलावट होने की पुष्टि है।
दूध को सूंघने पर अगर साबुन की महक आती है तो समझ लीजिए आपका दूध मिलावटी है। असली दूध में कोई गंध नहीं होती। दूध की एक या दो बूंद को चिकनी लकड़ी या पत्थर की सतह पर टपकाकर देखें। अगर दूध बहता हुआ नीचे आ जाता है और सफेद धार सा निशान बना लेता है तो समझ लें दूध असली है। दूध में स्टार्च की मिलावट जांचने के लिए दूध में कुछ बूंदे टिंचर आयोडिन की डालें। अगर दूध का रंग नीला हो जाता है, तो समझ लीजिए उसमें स्टार्च की मिलावट है।
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हमीरपुर। खाद्य सुरक्षा विभाग ने शहर व कुरारा कस्बे में छापा मारकर किराना स्टोर की दुकानों से नमूने लेकर जांच के लिए भेजे हैं। सहायक आयुक्त राम अवतार सिंह यादव ने बताया कि बुधवार को शहर के गहोई किराना स्टोर उमा शंकर गुप्ता की दुकान से एक कचरी व एम मूंग दाल का नमूना लिया गया। रमेंड़ी मोहल्ला स्थित धर्मेंद्र प्रकाश साहू की दुकान से एक बूरा व कचरी का नमूना लिया। कुरारा कस्बे के बेरी रोड स्थित उमा स्वीट्स अवनीश कुमार की दुकान से पेड़ा का नमूना व देवेंद्र यादव बाला जी स्वीट्स नमकीन की दुकान से एक मिल्क केक का नमूना सील किया गया। कुल 06 नमूने एकत्र कर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए। सचल दल में मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी मनोज कुमार जायसवाल, खाद्य सुरक्षा अधिकारी आरके निरंजन, भइयालाल प्रजापति सहित अन्य अधिकारी रहे।
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