हमीरपुर। ओलावृष्टि की धनराशि एसडीएम सदर की आईडी हैक कर दूसरों के खाते में भेजने के मामले में पुलिस ने जनपद महाराजगंज निवासी जनसेवा केंद्र संचालक मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया है।
अन्य की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। किसान पहल न करता तो पूरा मामला दब जाता। वहीं, अमर उजाला द्वारा चलाई गई मुहिम के चलते आठ दिन में ही मामले का पर्दाफाश हो गया।
बीते फरवरी व मार्च माह में जिले में हुई ओलावृष्टि से किसानों को खासा नुकसान हुआ। सदर व मौदहा तहसील के 53 गांवों में हुए नुकसान का सर्वे कर शासन से मुआवजा देने के नाम पर 23 करोड़ की धनराशि मांगी गई। हालांकि सर्वे दौरान कई अनियमितताओं के चलते कई पात्र किसान लाभ पाने से वंचित रह गए।
इसके अलावा 84 किसानों की धनराशि एसडीएम सदर की आईडी हैक कर दूसरे के खातों में भेजे जाने का मामला प्रकाश में आने पर किसान परेशान हो गए। किसानों ने मामले की जांच शासन स्तर से कराए जाने की मांग शुरू कर दी। अमर उजाला ने किसानों की बात को लगातार प्रकाशित किया।
ऐसे में किरकिरी से बचने के लिए तेजी दिखाते हुए अधिकारियों ने आठ दिन में मामले का खुलासा कर दिया गया। साइबर क्राइम पुलिस व सर्विलांस टीम के संयुक्त प्रयास से प्रकरण में कार्रवाई करते हुए इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के आधार पर अनिल विश्वकर्मा निवासी नरकटहा थाना नौतनवा, जनपद महाराजगंज को गिरफ्तार किया गया।
आरोपी पर अनाधिकृत रूप से सरकारी पोर्टल पर लॉगिन कर ओलावृष्टि से प्रभावित किसानों को वितरित किए जाने वाली सरकारी धनराशि लगभग 15 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने का आरोप है।
आरोपी ने बताया कि वह अपने साथी विनोद निवासी चहेरीटोला थाना कोतवाली नगर जनपद महाराजगंज के साथ सीएचसी (जनसेवा केन्द्र) में काम करता है। सुनियोजित तरीके से अपने साथी के साथ मिलकर हमीरपुर सदर तहसील की ओलावृष्टि राहत प्रणाली में लॉगिन किया और घटना को अंजाम दिया।
पुलिस इस धोखाधड़ी के पूरे प्रकरण की गहनता से जांच कर रही है, वांछित अभियुक्त विनोद व अन्य संभावित अभियुक्तों की पहचान कर गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। विवेचना के क्रम में साक्ष्यों और जांच के निष्कर्षों के आधार पर अभियुक्त अनिल विश्वकर्मा को माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।
- राजेश कमल, सीओ हमीरपुर
ऐसे दिया अंजाम
सीओ राजेश कमल ने बताया कि आरोपी अनिल विश्वकर्मा ने बताया कि उसने गूगल की मदद से कई वेबसाइट की छानबीन की। जिसमें जनरल 200 से ज्यादा पासवर्ड ट्राई किए। इसमें एक पासवर्ड हमीरपुर एसडीएम की लॉगिन आईडी का मिल गया। इसके बाद उन्होंने पैसा ट्रांसफर कर दिया।
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महेंद्र सिंह की पहल लाई रंग
पंधरी गांव निवासी पूर्व ब्लॉक प्रमुख महेंद्र सिंह ने बताया कि उनकी बहन अलका चौहान के खाते में 32,021 रुपये जाने थे। जो नहीं पहुंचे। इसकी शिकायत उन्होंने डीएम से की। जिसे गंभीरता से ले जांच कराई गई। इसमें धनराशि गलत ढंग से सुनीता निवासी महाराजगंज के खाते में जाने की जानकारी मिली। बताया कि मामले की तह तक पहुंचने में वह जुटे रहे। अंत में महाराजगंज निवासी सुनीता का खाता फ्रीज कराया गया। इसके बाद प्रशासन ने ऐसे अन्य मामले भी खोज निकाले। यदि उनके द्वारा मामले को लेकर पैरवी न की गई होती तो शायद खुलासा नहीं हुआ होता।