सरीला (हमीरपुर)। ममना विद्युत सब स्टेशन के पीरी के डेरा में 24 अगस्त को हाईटेंशन लाइन पर काम करते अकुशल लाइनमैन पवन प्रजापति (30) करंट की चपेट में आ गए थे। दस दिन तक कानपुर के निजी अस्पताल में इलाज के बाद बुधवार रात उसकी मौत हो गई।
चाचा रमेश ने बताया कि भतीजा पवन ट्रांसफार्मर का जंफर जोड़ रहा था। लाइनमैन राजेंद्र शुक्ल ने शटडाउन लिया था। आरोप है कि काम के दौरान विद्युत आपूर्ति बहाल कर दी गई। इससे पवन गंभीर रूप से झुलसकर खंभे से गिर गया। पहले उसे सीएचसी सरीला, फिर उरई और कानपुर रेफर किया गया था। पवन अपने पिता का इकलौता बेटा था। उसकी तीन छोटी बेटियां हैं। उसकी मौत के बाद परिवार में कोहराम मचा है। परिवार के सामने तीनों बेटियों के पालन-पोषण का संकट खड़ा हो गया है।
एसडीओ हरिश्चंद्र ने बताया कि विभागीय जांच में लाइनमैन राजेंद्र शुक्ल की लापरवाही सामने आई है। जांच के दौरान एसएसओ से शटडाउन और आपूर्ति बहाल किए जाने का विवरण लिया गया। रिकॉर्ड में शटडाउन के बाद आपूर्ति बहाल होने की पुष्टि हुई। हादसे की जानकारी मिलने पर राजेंद्र ने अपनी गलती स्वीकार की। राजेंद्र को कार्मिक संस्था से हटाने के लिए पत्र भेजा गया है। मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम भी गठित की गई है।
घटना के बाद अधीक्षण अभियंता ज्ञानचंद्र यादव ने राजेंद्र शुक्ल के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने के निर्देश दिए थे। पवन की मौत तक प्राथमिकी दर्ज नहीं हो सकी। एसडीओ ने बताया कि जांच टीम की रिपोर्ट आने के बाद विभागीय कार्रवाई की जाएगी। एसडीओ हरिश्चंद्र के अनुसार, राजेंद्र शुक्ल ने पवन के इलाज की जिम्मेदारी ली थी। विभागीय कर्मचारियों ने भी आर्थिक सहयोग किया था। पवन के परिवार को आर्थिक सहायता दिलाने की प्रक्रिया पूरी होगी। जलालपुर थाना प्रभारी रवि कुमार ने बताया कि परिजनों की सूचना पर शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। रिपोर्ट व तहरीर मिलने पर आवश्यक कार्रवाई होगी।