हमीरपुर। आयोग के निर्देशानुसार प्रत्याशियों को आय व्यय का लेखा देना है। जिसमें एक प्रत्याशी अधिकतम 40 लाख तक खर्च कर सकता है। जिसके लिए 10, 14 व 18 फरवरी की तिथियां निर्धारित की गई हैं। जिसमें प्रथम तिथि में राठ विधानसभा के चार प्रत्याशियों ने अपने खर्च का लेखा नहीं दिया था। आरओ ने चार प्रत्याशियों को नोटिस जारी किया है। वहीं अभी भी एक निर्दलीय प्रत्याशी ने अपना व्यय का लेखा नहीं दिया है।
सूत्रों की मानें तो अभी तक चार ही ऐसे प्रत्याशी हैं जिन्होंने एक लाख से अधिक खर्च किया है। बताया कि सदर सीट से भाजपा प्रत्याशी ने अब तक सबसे अधिक करीब पांच लाख रुपये चुनाव प्रचार में खर्च किए हैं। वहीं बसपा प्रत्याशी ने करीब एक लाख खर्च करने का लेखा जोखा दिया है। वहीं राठ विधान सभा से भाजपा प्रत्याशी ने करीब ढाई लाख व बसपा प्रत्याशी ने करीब एक लाख दस हजार खर्च किए हैं।
नोडल अधिकारी व्यय एवं वरिष्ठ कोषाधिकारी दिनेश कुमार सचान ने बताया कि प्रथम लेखा मिलान के सदर विधानसभा से सभी प्रत्याशियों द्वारा व्यय लेखा प्रस्तुत किया गया। लेकिन राठ विधानसभा से बसपा प्रत्याशी प्रसन्न भूषण, भारतीय चेतना पार्टी के धर्मेंद्र गौतम, राष्ट्रीय पार्टी की प्रीति कनौजिया व निर्दलीय नरेंद्र कुमार ने अपने खर्च का लेखा प्रस्तुत नहीं किया था। जिनके खिलाफ नोटिस जारी की गई थी। जिसमें प्रत्याशी प्रीति कनौजिया को छोड़कर सभी ने अपना व्यय लेखा दे दिया है। बताया कि दूसरी तिथि 14 फरवरी तय है।
सबसे कम खर्च का लेखा सपा प्रत्याशी के नाम
दस फरवरी तक सबसे कम चुनाव में खर्च सदर सीट से सपा प्रत्याशी का हुआ है। उनके करीब 12 हजार रुपये ही चुनाव प्रचार में खर्च कर सकेे हैं। वहीं कांग्रेस प्रत्याशी ने करीब 75 हजार के खर्च का लेखा दिया है। जबकि राठ सीट से सपा के उम्मीदवार ने मात्र 31 हजार तो कांग्रेस प्रत्याशी ने करीब 62 हजार खर्च किए हैं। शेष सभी प्रत्याशी 50 का आंकड़ा नहीं छू पाए हैं।