भरुआ सुमेरपुर। बांदा से धोखाधड़ी कर कस्बे में कबाड़ी को बेचे गए रोड रोलर के मामले में पुलिस दूसरे जनपद को घटना बता रही है। आरोप है कि पुलिस कार्रवाई करने के बजाय रोड रोलर मालिकों से कागजात लेकर उन्हें वापस सौंपने की तैयारी में है।
बता दे कि अंबाला (हरियाणा) निवासी मोहन मिश्रा नामक व्यक्ति ने 30 मार्च को खुद को रेलवे अधिकारी बताकर बांदा निवासी उमेश गुप्ता से रेलवे कार्य के नाम पर 20 हजार रुपये एडवांस देकर रोड रोलर लिया। इसके बाद 31 मार्च को उसे निष्प्रयोज्य बताकर कस्बे के एक कबाड़ी को बेच दिया। इसी तरह उसने बांदा निवासी रामबली विश्वकर्मा को खुद को पीडब्ल्यूडी का ठेकेदार बताकर 10 हजार रुपये एडवांस देकर रोड रोलर किराए पर लिया और एक अप्रैल को उसे भी बेचकर भाग गया।
बताया जा रहा है कि आरोपी ने मात्र 48 घंटे में करीब चार लाख 29 हजार रुपये में दोनों रोड रोलर बेच कर भाग गया। शिकायत मिलने पर पुलिस ने चार अप्रैल को कस्बे की एक बंद पड़ी फैक्टरी से दोनों रोड रोलर बरामद कर पुलिस चौकी में खड़ा करा दिया। वहीं पुलिस रोलर खरीदने वाले राजेश सिंह और मुख्य आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के बजाय कागजात की औपचारिकता पूरी कर रोड रोलर मालिकों को सौंपकर मामले को खत्म करने की तैयारी में है।