हमीरपुर। कुरारा क्षेत्र के ददरी गांव निवासी गजराज सोमवार को जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे। उन्होंने जले हुए दस्तावेज और रुपये दिखाते हुए अधिकारियों को अपनी पीड़ा बताई। गजराज ने आगजनी में हुए नुकसान के मुआवजे की मांग की।
उन्होंने बताया कि वह सड़क किनारे झोपड़ी बनाकर रहते थे। उसी में एक छोटी सी दुकान चलाकर जीवन यापन करते थे। करीब दो माह पहले अज्ञात कारणों से उनकी झोपड़ी और दुकान में आग लगी। इस हादसे में उनका सारा सामान जलकर राख हो गया। दुकान में रखे कुछ रुपये और जरूरी दस्तावेज भी आग की भेंट चढ़ गए। गजराज ने कहा कि छोटी सी दुकान ही उनके जीवन का एकमात्र सहारा थी। आग लगने के बाद उनके सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
हादसे की सूचना स्थानीय लेखपाल को दी गई थी। लेखपाल ने मौके पर पहुंचकर नुकसान का आकलन भी किया था। गजराज का आरोप है कि घटना के करीब दो माह बाद भी उन्हें मुआवजा नहीं मिला। जानकारी लेने पर लेखपाल ने उन्हें डपट कर भगा दिया। वहीं, लेखपाल गौरीशंकर का कहना है कि सड़क किनारे टप्पर में आग लगी थी। उन्होंने इसकी रिपोर्ट भेज दी है।