हमीरपुर। दिवाली की रात जिला में चार अलग-अलग जगह आग लगने मामले सामने आए हैं। इनमें करीब पांच लाख रुपये का नुकसान का अनुमान है। आग लगने का कारण पटाखे चलाना बताया जा रहा है। दमकल विभाग ने चारों जगह में मौके पर पहुंच आग पर काबू पाया।
हड़ेटा के साथ लगते लखमेई गांव में धनी देवी पत्नी किशन चंद के मकान में दिवाली की रात करीब साढ़े 10 बजे आग भड़क गई। अंदेशा है कि पटाखे की चिंगारी से आग लगी जिसमें चार कमरों का मकान जलकर राख हो गया। यहां तक कि मकान के साथ लगती पशुशाला भी आग की भेंट चढ़ गई और पशुशाला में बंधी गाय और बकरी भी जिंदा जल गए। अग्निकांड में करीब चार लाख रुपये के नुकसान का अनुमान है।
धनी देवी ने अग्निकांड की सूचना दमकल विभाग को दी। दमकल विभाग का वाहन आ तो गया, लेकिन धनी देवी का मकान मुख्य सड़क से चार किलोमीटर दूर होने से मौके पर नहीं पहुंच पाया। दमकल कर्मी पैदल चलकर मौके पर पहुंचे और अन्य मकान आग की चपेट में आने से बच गए।
जिला मुख्यालय के साथ लगते बोहणी गांव में भी नीरज ठाकुर पुत्र कुशल कुमार की पशुशाला आग की भेंट चढ़ गई। पशुशाला में बंधे मवेशियों को निकाल लिया गया, लेकिन घास जलकर राख हो गया। करीब 50 हजार रुपये की संपत्ति के नुकसान का अनुमान है। भोटा के साथ लगते कोठी गांव में घास जलकर राख हो गया। इससे पांच हजार रुपये का नुकसान हुआ है। पटलांदर के साथ लगते ठलाकणा गांव में सतीश कुमार की पशुशाला आग की भेंट चढ़ गई है। इससे करीब 50 हजार रुपये के नुकसान का अनुमान है।
चारों अग्निकांडों में दमकल कर्मियों ने मौके पर पहुंच आग पर काबू पा लिया। बड़े हादसा होने से टल गया। दिवाली के चलते दमकल विभाग खास तौर पर सतर्क रहा।
- संतराम ठाकुर, इंचार्ज, दमकल विभाग, हमीरपुर