हमीरपुर/भरुआ सुमेरपुर/राठ। तेज आंधी के साथ हुई झमाझम बारिश ने जहां लोगों को गर्मी से राहत दिलाई, वहीं परेशानी का कारण भी बनी। आंधी से अलग-अलग स्थानों पर सैकड़ों पेड़ उखड़ गए। जिससे मुख्यालय, पौथिया व चंदौखी पावर हाउस को जाने वाली बिजली आपूर्ति ठप हो गई।
हाईवे पर पेड़ व बिजली लाइन गिरने से तीन घंटे जाम लगा रहा। दिनभर 20-30 किलोमीटर की रफ्तार से तेज व ठंडी हवाएं चलती रहीं। अधिकतम तापमान 45.2 डिग्री रहा। जबकि न्यूनतम पारा तीन डिग्री घटकर 30 डिग्री रिकार्ड किया गया। करीब पांच मिमी बारिश हुई है।
बुधवार शाम करीब चार बजे तेज आंधी आई। इसके साथ ही बारिश होने लगी। कुछेछा से लेकर सुमेपुर कस्बे तक आंधी चलने से सैकड़ों पेड़ उखड़ गए। जिससे हाईवे सहित अन्य मार्ग बाधित हो गए। इसके साथ ही विद्युत पोल टूट जाने से मुख्यालय सहित अन्य सब स्टेशनों की सप्लाई बाधित हो गई।
भरुआ सुमेरपुर संवाद के अनुसार आधा सैकड़ा से अधिक गांवों की आपूर्ति बाधित हो गई है। कई फीडरों के विद्युत पोल व तार टूट जाने से मुख्यालय सहित पौथिया, चन्दौखी, पंप कैनाल सहित अन्य फीडरों की विद्युत आपूर्ति ठप हो गई है। इसके साथ ही कस्बे में कई लोगों के टीन टप्पर उड़ गए। अवर अभियंता अनिल कुमार ने बताया कि कस्बे के सभी फीडर चालू करने के लिए पेट्रोलिंग की जा रही है।
एसडीओ एसपी मिश्रा ने बताया कि आंधी से 132 केवी पावर हाउस से मुख्यालय सहित पौथिया, चन्दौखी सहित अन्य सब स्टेशनों की आपूर्ति ठप हो गई है। जिससे आधा सैकड़ा से ज्यादा गांव प्रभावित हैं। उन्होंने बताया कि करीब 10 खंभे टूटने की सूचना मिल रही है। विद्युत कर्मियों को लाइनों को दुरुस्त करने के लिए भेजा गया है।
कानपुर-सागर हाईवे के पेट्रोलिंग ऑफीसर ललित सिंह ने बताया कि तेज आंधी के चलते हाईवे पर पेड़ गिरने से जाम लगा था। जिस पर टूटे पेड़ों हो हटवा हाईवे पर यातायात चालू करा दिया गया है। करीब तीन घंटे की मशक्कत के बाद पेड़ हटवाए जा सके।
राठ संवाद के अनुसार भीषण गर्मी के बीच मंगलवार शाम को हुई बारिश से तापमान में गिरावट दर्ज की गई। सीएचसी के अधीक्षक डॉ. अखिलेश कुमार सिंह का कहना है कि इस मौसम में बच्चों में उल्टी दस्त के मामले ज्यादा आते हैं। बचाव के लिए बच्चों को तरल पदार्थ देते रहें। ओआरएस का गोल पिलाते रहे।
इंगोहटा वासियों को नहीं मिल रही बिजली
भरुआ सुमेरपुर। क्षेत्र के इंगोहटा गांव के लोग दो दिन से बिजली न मिल पाने से भीषण गर्मी से जूझ रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि मंगलवार को बिजली आती जाती रही। रात भर आधे गांव को बिजली दी गई और आधा गांव अंधकार में डूबा रहा।
बुधवार की सुबह 9 बजे 5 मिनट को लाइट की सप्लाई दी गई। इसके बाद शाम को चार बजे थोड़ी देर के लिए लाइट आई। इसके बाद फिर काट दी गई। यही क्रम लगातार चल रहा है। चंद्रपुरवा फीडर से आने वाली विद्युत सप्लाई बाधित होने का कारण पूछे जाने पर अवर अभियंता अनिल कुमार ने बताया कि तेज हवाओं चलने से लाइन में ट्रिपिंग आने से समस्या उत्पन्न होती है। (संवाद)