हमीरपुर। विश्व मलेरिया दिवस पर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ.एके रावत ने सोमवार को टीबी सभागार में कहा कि बुंदेलखंड क्षेत्र में मच्छरों से मलेरिया, डेंगू और फाइलेरिया जैसी बीमारियां हो रही हैं। चिकुनगुनिया और जापानी इंसेफ्लाइटिस भी मच्छरों से ही फैलता है। इसलिए मच्छरों से खुद को बचाएं।
उन्होंने कहा कि घरों के अंदर एवं बाहर पानी का जमाव न होने दें। अनुपयोगी चीजों में जो भी पानी है, उसे फेंक उल्टा करके रख दें ताकि जलभराव न हो सके। कूलर और फ्रिज के पिछले हिस्से में लगी प्लेट की नियमित साफ-सफाई करें। डेंगू फैलाने वाला एडीज मच्छर जमीन से सिर्फ चार फीट की ऊंचाई तक ही उड़ान भर पाता है। इसलिए पूरी बांह के कपड़ें पहनें। मच्छरदानी में सोएं। सरकारी अस्पतालों में मलेरिया की जांच और दवाओं के पर्याप्त इंतजाम है। जिला मलेरिया अधिकारी आरके यादव ने बताया कि 25 अप्रैल 1897 में मलेरिया परजीवी की खोज डॉ.रोनाल्ड रॉस ने की थी। इस खोज के लिए उन्हें नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। उन्होंने इनसे बचाव के तरीके बताए। जिला स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी अनिल यादव, एसीएमओ डॉ.आरके कटियार, एआरओ गणेश, लिपिक हनुमान, मलेरिया निरीक्षक जयप्रकाश, अमित कुमार, अनिमेष कुमार मौजूद रहे।