फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बिन डॉक्टर कैसे हो इलाज

विज्ञापन
जिला अस्पताल में डाक्टर कक्ष के बाहर अपनी बारी का इंतजार करते मरीज और तीमारदार। - फोटो : HAMIRPUR
विज्ञापन
हमीरपुर। सुविधाओं से सुसज्जित जिला अस्पताल में डॉक्टरों का टोटा है। इससे यहां के मरीजों को समुचित इलाज नहीं मिल पा रहा है। गंभीर बीमारी व दुर्घटनाओं में घायल गंभीर मरीजों को तुरंत रेफर किया जाता है।
विज्ञापन

जिला पुरुष अस्पताल में 25 के सापेक्ष सिर्फ 10 डॉक्टर हैं। इससे ओपीडी में मरीजों की लाइन लगी रहती है। अधिकांश ओपीडी कक्ष बिना डॉक्टर के खाली रहते हैं। जिला अस्पताल में इलाज कराने पड़ोसी जिले फतेहपुर व कानपुर नगर के सीमावर्ती गांवों के लोग भी आते हैं। डॉक्टरों की कमी के कारण उन्हें समुचित इलाज नहीं मिल पा रहा है। बाहर से आने वाले मरीज व उनके तीमारदारों को निराश लौटना पड़ता है।
जिला अस्पताल में एक एनेस्थेटिस्ट, एक सर्जन, एक ईएनटी, दो बाल रोग विशेषज्ञ, एक चर्म रोग विशेषज्ञ, एक कार्डियोलाजिस्ट, एक चेस्ट फिजीशियन, दो रेडियोलाजिस्ट, एक नेत्र सर्जन, एक फिजीशियन, दो आर्थोपैडिक के पद अर्से से रिक्त हैं।
विज्ञापन

शहर निवासी 85 वर्षीया छाया देवी जिला अस्पताल में मिलीं। बताया डॉक्टर ने अल्ट्रा साउंड कराने के लिए कहा है। डॉक्टर न होने से प्राइवेट में 500 रुपये देकर अल्ट्रासाउंड कराया है। बिना डॉक्टर के सिर्फ नाम का अस्पताल है। शहर निवासी फूलकली पेट दर्द से परेशान मिलीं। कहती हैं डॉ. आरएस प्रजापति को दिखाया है। कहते हैं यहां कोई अल्ट्रासाउंड करने वाला नहीं है। बाहर से अल्ट्रासाउंड कराने को कह रहे हैं। मजबूरी में प्राइवेट पैथालाजी जाना पड़ेगा।
डॉक्टरों की संख्या काफी कम है। रिक्त पदों पर तैनाती के लिए शासन को लगातार पत्राचार कर रहे हैं। डॉक्टरों की कमी को लेकर अभी पिछले सप्ताह भी एक पत्र शासन को भेजा है।
विज्ञापन

-डॉ. विनय प्रकाश, सीएमएस
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें