फोटो 05 एचएएमपी 11- पीएचसी भभई में मरीज का उपचार करते फार्मासिस्ट राधेश्याम। संवाद
मौदहा/कुरारा। मुख्यमंत्री आरोग्य मेला फार्मासिस्टों के भरोसे संचालित किए जा रहे हैं, जबकि एलटी, एएनएम व स्टाफ नर्स ड्यूटी से नदारद मिले। कई पीएचसी में डॉक्टर, वार्ड बॉय, एएनएम की तैनाती ही नहीं है। मौसम में बदलाव के चलते बुखार पीड़ितों की संख्या बढ़ी है, लेकिन मरीजों को आरोग्य मेला में समुचित इलाज नहीं मिल पा रहा है। फार्मासिस्टों ने मरीजों को दवाएं दीं।
रविवार को मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेला की पड़ताल में कहीं भी विशेषज्ञ चिकित्सक मौजूद नहीं मिले। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सिसोलर में दोपहर डेढ़ बजे फार्मासिस्ट गोविंद सिंह मरीजों का उपचार करते मिले। एलटी ललित कुमार, एएनएम रेखा देवी, स्टाफ नर्स विनीता और सफाई कर्मी रमेश ड्यूटी से नदारद मिले। फार्मासिस्ट ने बताया कि लंच पर गए हैं। मेले में कुल 41 मरीजों का उपचार किया गया है।
वहीं, पीएचसी भभई में फार्मासिस्ट राधेश्याम प्रजापति व एएनएम वंदना मौजूद मिले। फार्मासिस्ट ने बताया कि जांच आदि की कोई सुविधा नहीं है। कुल 28 मरीजों का उपचार किया गया है। कुरारा क्षेत्र के पारा पीएचसी में फार्मासिस्ट आनंद स्वरूप पटेल मरीजों का उपचार करते मिले। यहां डॉक्टर, वार्डबॉय व एएनएम की कई वर्षों से नियुक्ति ही नहीं है। 10 मरीजों की ब्लड जांच, एक मरीज का शुगर व एक का हीमोग्लोबिन, चार मरीजों की मलेरिया व चार मरीजों की टायफाइड की जांच की गई है। बेरी पीएचसी में कुल 42 मरीजों का उपचार किया गया। ज्यादातर खांसी, जुकाम व वायरल फीवर के मरीज पहुंचे।
मौदहा सीएचसी प्रभारी डॉ. रजत रंजन तिवारी ने बताया कि मौसम में बदलाव होने से वायरल बुखार का प्रकोप बढ़ा है। इससे सामान्य तापमान में वृद्धि होती है और शरीर में दर्द होता है। बुखार के साथ-साथ एलर्जी, टायफाइड, मलेरिया जैसे रोग बढ़ रहे हैं, जो स्टाफ नदारद रहा है। जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।