तेरह वर्ष पूर्व हुई विवाहिता की हत्या करने के मामले में सोमवार को अपर सत्र न्यायाधीश राधेश्याम यादव ने आरोपी पति को दस वर्ष सश्रम कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई।
न्यायालय के शासकीय अधिवक्ता देवसिंह यादव ने बताया कि बांदा जिले के देहात कोतवाली क्षेत्र के पथरी गांव निवासी गयाप्रसाद वर्मा ने पुत्री संतोष कुमारी की शादी लल्लू उर्फ उदयप्रकाश पुत्र भइयालाल निवासी सिसोलर के साथ की थी। बताया कि शादी के बाद से ससुरालीजन दहेज की मांग को लेकर संतोष कुमारी का उत्पीड़न करने लगे।
आरोप लगाया कि मांग पूरी न होने पर शादी के दस वर्ष बाद 4 अक्टूबर 2002 की रात गला दबाने के बाद जलाकर उसे मार डाला। मुकदमा दर्ज कराने के लिए पीड़िता थाने से लेकर उच्चाधिकारियों के यहां तक चक्कर लगाता रहा मगर सुनवाई नहीं हुई।
तब उसने मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री व सुप्रीम कोर्ट को भी पत्र लिखे। सुप्रीम कोर्ट ने पत्र का अवलोकन कर मामले की जांच कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। मामले की जांच तत्कालीन एएसपी ने की थी और आरोपी के खिलाफ धारा 498 ए व 306 आईपीसी के तहत मुकदमा दर्ज किया था।
सोमवार को मुकदमे की सुनवाई के बाद न्यायाधीश ने आरोपी पति को दोषी पाए जाने पर उसे दस वर्ष के सश्रम कारावास व 12 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुर्नाई।