कस्बे के 50 हजार लोग पेयजल संकट से परेशान हैं। 24 घंटे में सिर्फ एक बार रात में जलापूर्ति होने से लोगों को हैंडपंपों पर लाइन लगानी पड़ रही है। उन्होंने जल संस्थान पर लापरवाही का आरोप लगाया है। वहीं विभाग नलकूपों का जलस्तर गिरने को वजह बता रहा है।
जल संस्थान से कस्बे में पेयजल आपूर्ति की जाती है। इसके लिए पांच नलकूप संचालित हैं। जिसमें दो नलकूपों से ओवरहेड टैंक भरा जाता है। जबकि तीन नलकूप सीधे पाइप लाइन से जुड़े हैं। वर्तमान में 17 घंटे बिजली आपूर्ति होने के बावजूद जल संस्थान लोगों को पानी नहीं दे पा रहा।
करीब एक पखवारे से एक बार रात में पानी की आपूर्ति हो रही है। इसमें भी बमुश्किल 15 से 20 मिनट तक ही पानी आता है। इस मामले की शिकायत नगर के पिंटू यादव, सगीर खान, इदरीश अहमद, शब्बीर अहमद, अजीत गुप्ता, रमाशंकर, कृष्ण कुमार आदि ने कई बार विभागीय अधिकारियों से की। लेकिन उन्होंने ध्यान नहीं दिया। दिन में पानी न मिलने से लोग हैंडपंप पर लाइन लगाए रहते हैं।
इसमें भी पहले पानी भरने को लेकर लोगों में झड़प भी हो जाती है। जल संस्थान के कर्मी रोहित चौरसिया ने बताया कि नलकूपों से पानी कम मिल रहा है। इससे ओवरहेड टैंक लोड करने में पूरा समय बीत जाता है। 24 घंटे में सिर्फ एक बार ही पानी की आपूर्ति हो रही है। सीधे पाइप लाइन से जुड़े तीन नलकूपों को बिजली आने पर लगातार चलाया जाता है। इसमें जल संस्थान की कोई कमी नहीं है। नलकूपों का जलस्तर नीचे जाने से ये स्थिति है।