कुरारा। कोरोना बीमारी और लॉकडाउन में परिजनों ने घर से बाहर जाने से मना किया तो नवीं के छात्र ने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। हुआ यह कि परिजनों ने उसे बाहर जाने पर डाट दिया था, जिससे वह नाराज था। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
जल्ला गांव निवासी कालका प्रसाद प्रजापति ने बताया उसका पुत्र पीयूष (15) कक्षा 9 का छात्र था। बताया लॉकडाउन में इधर उधर घूमने पर उन लोगों ने एक दिन पहले उसे डाट दिया था। इससे तीन दिनों से वह उदास चल रहा था।
रविवार सुबह करीब पांच बजे उसने साइकिल का पंचर ठीक किया। इस पर परिवार के लोगों ने उसे बाहर न जाने की बात कही। इस पर वह कमरे में जाकर लेट गया। काफी देर तक कमरे से न निकलने पर घर के लोग करीब साढ़े छह बजे उसे बुलाने गए।
जहां दरवाजे की अंदर से कुंडी बंद होने पर खिड़की से झांककर देखा तो उसका शव पंखे से लटक रहा था। अचानक हुई इस घटना से परिवार में कोहराम मचा है। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।