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छह घंटे में मुंडेरा गांव पहुंचाईं दवाएं, सीएम को ट्वीट कर लगाई थी मदद की गुहार

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मुंडेरा गांव के मरीज महरजवा को दवा सौपता पीआरवी का कमांडर विक्रमा। - फोटो : HAMIRPUR
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भरुआसुमेरपुर। मुंडेरा निवासी कृष्णा ने बड़े भाई की टीबी की दवा खत्म होने पर छतरपुर (एमपी) से भिजवाने का ट्वीट किया था। इस पर एमपी पुलिस ने नौगांव स्थित अस्पताल से दवा खरीदकर यूपी-112 को दी। इसके बाद पुलिस ने मरीज तक दवा पहुंचाई।
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पुलिस के इस कार्य की लोग सराहना कर रहे हैं। कृष्णा ने बताया उनके बड़े भाई महरजवा (55) का टीबी का इलाज छतरपुर के नौगांव अस्पताल में चल रहा है। लॉकडाउन के चलते दवा ला पाना मुश्किल था। इस पर उसने दवाइयां मांगने के लिए ट्वीट किया। ट्वीट में दोनों प्रदेशों के सीएम व डीजीपी सहित अन्य अधिकारियों को टैग किया।
एमपी के डीजीपी ने ट्वीट का संज्ञान ले डायल 112 के मीडिया प्रभारी दरोगा गजेंद्र सिंह रघुवंशी को निर्देशित किया। दवा लाने के बाद यूपी-112 के कंट्रोल रूम लखनऊ के निरीक्षक रिजवान से संपर्क कर समस्या बताई।
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दवा को पीआरवी स्टाफ ने कैमाहा बैरियर पर यूपी पुलिस के पीआरवी वाहन के सुपुर्द कर दिया। यूपी पुलिस की पीआरवी ने चैन बनाकर महोबा जिला पार कर लगभग 200 किमी दूर मुंडेरा में 6 घंटे के अंदर कृष्णा के घर तक दवाइयां पहुंचाईं।
वृद्धा को दवाई उपलब्ध कराई
भरुआसुमेरपुर। वार्ड 14 इंदिरा नगर निवासी बीमार वृद्धा श्यामदेवी पत्नी गयाप्रसाद को ब्लॉक प्रमुख जयनारायन यादव ने दवाएं, राशन सामग्री के साथ आर्थिक मदद मुहैया कराई। लॉकडाउन के चलते महिला के सामने खाने-पीने की समस्या थी। इस मौके पर दरोगा रविंद्र कुमार, जितेंद्र कुमार, सुलखान सिंह आदि लोग मौजूद रहे।
बांस-बल्ली से बंद किया रास्ता
राठ। सिकंदरपुरब में एक दुकान पर पान-मसाला लेने वालों की चहलकदमी से मोहल्ले के लोग संक्रमण फैलने से आशंकित हो उठे। लोगों ने बांस बल्ली लगाकर दोनों ओर से रास्ता बंद कर दिया। सूचना पर पहुंचे कोतवाली के दरोगा गौरव चौबे ने रास्ता खुलवाया। संवाद
मणिपुर में फंसे 12 छात्र-छात्राओं को घर वापसी का इंतजार
राठ। जवाहर नवोदय विद्यालय के कक्षा 9 के 8 छात्र और 4 छात्राएं एक सेशन की पढ़ाई के लिए जनवरी में मणिपुर के सुमवांग स्थित जवाहर नवोदय विद्यालय गए थे। जबकि सुमवांग के इतने ही छात्र व छात्राएं कस्बा स्थित नवोदय विद्यालय में आए। लॉकडाउन के बाद विद्यालय के स्थानीय छात्र व छात्राएं अपने घर चले गए। जबकि मणिपुर की छात्र-छात्राएं विद्यालय में ही रह गए हैं। वहीं इस विद्यालय के छात्र-छात्राएं मणिपुर में फंसे हैं। प्रधानाचार्या मंजुलता ने बताया डीएम से बच्चों को मणिपुर भेजने के लिए एसी बस की स्वीकृति मांगी है। मणिपुर में भी स्वीकृति मिलने के बाद बच्चों को यथास्थान भेजा जाएगा। संवाद
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