हमीरपुर। सैकड़ों ग्राहकों के लाखों रुपये गबन कर फ्रेंचाइजी मालिक को शारीरिक व मानसिक प्रताड़ित करने और उसे आत्महत्या के लिए उकसाने में अपर सत्र विशेष न्यायाधीश विनीत कुमार वासवानी ने आरोपी महिला की जमानत अर्जी खारिज कर दी।
जिला सहायक शासकीय अधिवक्ता सुभाष कुमार श्रीवास्तव व रामबाबू अवस्थी ने बताया कि कुरारा थानाक्षेत्र के कस्बा निवासी पीड़ित पिता राम औतार प्रजापति ने पुलिस को तहरीर दी थी। तहरीर में बताया गया कि उनके पुत्र ओम प्रकाश ने इंडियन बैंक की फ्रेंचाइजी ली थी। सुमेरपुर थानाक्षेत्र के मुंडेरा निवासी आरोपी नीरज कुशवाहा को पांच हजार रुपये के मासिक वेतन पर रखा था। आरोपी ने ग्राहकों से पैसा लेकर संबंधित बैंक में जमा नहीं कराया। कुल 18 लाख दस हजार रुपये का गबन कर लिया। बताया गया कि जब ओम प्रकाश ने ग्राहकों का पैसा जमा करने को कहा तो आरोपी पति-पत्नी ने मानसिक व शारीरिक रूप से प्रताड़ित कर आत्महत्या करने को मजबूर कर दिया।
परेशान होकर ओम प्रकाश ने 27 मई 2021 को गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। मरने से पहले सुसाइड नोट लिखकर ओम प्रकाश ने आरोपी पति-पत्नी पर हत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाया। तबसे दोनों आरोपी जेल में निरुद्ध हैं। आरोपी की पत्नी नीरज कुशवाहा की जमानत अर्जी पर सुनवाई करते हुए अपर सत्र न्यायाधीश विनीत कुमार वासवानी ने जमानत अर्जी खारिज कर दी है।