हमीरपुर/मुस्करा/मौदहा/मुस्करा/गोहांड/सरीला। करीब 12 घंटे से हो रही रिमझिम बारिश से दहलनी फसलों को नुकसान की आशंका है। मटर के उन खेतों में ज्यादा नुकसान होगा जिनमें दो-चार दिन पहले सिंचाई की गई है। गेहूं फसल के लिए बारिश फायदेमंद है। बारिश से तापमान में गिरावट भी आ गई है। गोशालाओं में पर्याप्त इंतजाम न होने से बारिश में भीगी गोवंश ठिठुरते रहे।
जिले में रबी की फसलें लक्ष्य के सापेक्ष 16 हजार हेक्टेयर अधिक रकबे में बोई गईं हैं। इस बार रबी का रकबा दो लाख 76 हजार 203 हेक्टेयर है। गेहूं व जौ एक लाख 14 हजार 630 हेक्टेयर, चना, मटर व मसूर एक लाख 25 हजार हेक्टेयर, राई, सरसों, अलसी की बुवाई 19 हजार 916 हेक्टेयर में की गई है।
मुस्करा संवाद के अनुसार 90 प्रतिशत मटर की फसल की सिंचाई किसान कर चुके हैं। किसान सौरव शुक्ला ने बताया कि नौ बीघे में मटर फसल खड़ी है। सिंचाई के बाद बारिश होने से फसल पीली पड़ने की आशंका है। बबलू यादव ने बताया कि 13 बीघे में मटर में दो दिन पहले ही खाद डाली है। बारिश से अब फसल खराब हो जाएगी। कुरारा संवाद के अनुसार जल्ला निवासी दुलीचंद प्रजापति ने बताया कि मटर में पानी लगा चुके हैं, बारिश से पौधे पीले पड़ने की आशंका है।
गोहांड के रामस्वरूप ने कहा कि तीन वर्षों से फसलों पर किसी न किसी प्राकृतिक आपदा की मार पड़ रही है। मौसम का बदलाव फसलों के लिए नुकसान दायक है। इटैलियाबाजा के हरसहाय ने कहा दलहनी फसल चना, मसूर, मटर में बड़े पैमाने पर फूल व फली आ रही है। इस समय फसलों को धूप की आवश्यकता है।
फसल पीली पड़ने पर एनपीके का छिड़काव करें
कृषि विज्ञान केंद्र के डॉ.प्रशांत कुमार ने बताया कि जिन फसलों की सिंचाई कर दी गई है, बारिश से उनके पीले पड़ने की आशंका है। किसान मौसम खुलने पर अगर फसल पीली पड़े तो एनपीके के घोल का छिड़काव करें।
अरहर की फसल के फूल गिर गए
टिकरौली गांव के किसान तेजनारायन सिंह व जयराम वर्मा खेत में बनी झोपड़ी में आग ताप रहे थे। उन्होंने बताया कि एक हेक्टेयर में अरहर की फसल है। चार दिन पहले पूरी फसल फूलों से पटी थी। दो दिनों में सारे फूल गिर गए हैं। पुसल को काफी नुकसान होगा।
बारिश गेहूं फसल के लिए फायदेमंद
पत्योरा के जगदीश निषाद ने कहा कि यह बारिश गेहूं की फसल के लिए बहुत ही लाभदायक है। फसलों को अन्ना मवेशियों से बचाना है। इस बारिश में भी खेतों पर जा रहे हैं, रात भर फसल की रखवाली करनी है।
बारिश से फसलों को नुकसान नहीं
सिमनौड़ी के जयकिशन यादव खेतों में बकरी चराते मिले। उन्होंने कहा कि बीस बीघे में गेहूं व सरसों की फसलें बोई हैं। बारिश से अभी फसलों को कोई नुकसान नहीं है। अगर अधिक बारिश होगी तो दलहनी व तिलहनी फसलों को नुकसान होगा।
गोशालाओं के हालात बदतर
जनपद में 330 ग्राम पंचायतों में गोशालाएं बनी हैं। ज्यादातर में गोवंश को बारिश व ठंड से बचाव के लिए इंतजाम नाकाफी हैं। ठंड के बीच हुई बारिश में गोवंश भीग रहे हैं। पत्योरा प्रधान प्रतिनिधि अरविंद निषाद ने बताया कि 15वें वित्त से टिनशेड व बाउंड्रीवाल का काम कराया है। मनरेगा से खड़ंजा का काम कराना है। बारिश बंद होते ही काम शुरू करा दिया जाएगा।
पांच मिलीमीटर बारिश हुई
जिला कृषि अधिकारी सरस कुमार तिवारी ने बताया कि करीब पांच एमएम बारिश हुई है। फिलहाल बारिश से कोई नुकसान नहीं है। मौसम साफ होते ही दलहनी व तिलहनी फसलों में दोबारा से फूल आना शुरू हो जाएगा। किसान खेत में पानी भरने पर उसे मेड़ काटकर निकाल दें। नुकसान होने पर सूचना 72 घंटे के अंदर फसल संबंधित बीमा कंपनी को अवश्य कर दे दें।