मौदहा। क्षेत्र के करहिया गांव में कैंसर पीड़ित ने आर्थिक तंगी से इलाज के अभाव में कानपुर -बांदा रेल लाइन से गुजर रही इंटरसिटी ट्रेन के आगे कूदकर जान दे दी। घटना की सूचना पर परिजनों में कोहराम मच गया। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
करहिया गांव निवासी रामआसरे श्रीवास के तीन पुत्र थे। उसके मात्र छह सात बीघे जमीन थी। उसकी बड़ा पुत्र अर्जुन (55) पत्नी व बच्चों के साथ अलग रहता था। उसके चार बच्चों में बड़े लड़के की शादी हो गई और वह दिल्ली में अपने परिवार सहित रह रहा है। जबकि दो बेटे छोटे हैं और एक बेटी जिसकी शादी होनी है। इसी बीच अर्जुन कैंसर जैसी बीमारी के चपेट में आ गया। पति पत्नी मजदूरी कर इलाज में लगाने लगे। उसका कानपुर व दिल्ली में आपरेशन भी हुआ। लेकिन पूरी तरह से ठीक नहीं हुआ। इसके बाद धन अभाव के चलते वह घर में रहकर अपना इलाज कराता रहा। पत्नी राजाबाई ने बताया की इलाज के लिए पैसे नहीं जुट पाते थे। शुक्रवार को दोपहर में शौच के लिए पानी की बोतल लेकर निकला था। कुछ देर बाद सूचना मिली कि ट्रेन से कटकर उसकी मौत हो गई है। पत्नी सहित उसके वृद्ध पिता रामआसरे व माता किसनिया तथा बच्चों का रो रोकर बुरा हाल है। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।