मौदहा। प्राथमिक स्कूलों में मिड डे मील बनाने के लिए गैस सिलिंडर का उपयोग किया जाना है, लेकिन विभाग की लचर व्यवस्था से मौजूदा समय में ज्यादातर स्कूलों लकड़ी से भोजन पकाया जा रहा है। रसोइयों के आंसू पोछने के लिए सिलिंडरों के लापता होने का बहाना बनाया जा रहा है।
क्षेत्र के कई परिषदीय स्कूलों में मिड डे मील लकड़ी के चूल्हे पर पकाया जा रहा है। कस्बे से 10 किमी दूर कुनेहटा के पूर्व माध्यमिक विद्यालय में तीन रसोइया खाना पकाते मिलीं। रसोइया फूला देवी ने कहा कि यहां सिलिंडर ही नहीं है। लकड़ी सस्ती होने से उसी से खाना बनाती हैं। प्रधानाध्यापक अजय पांडेय ने कहा कि उनके स्कूल में गैस कनेक्शन ही नहीं लिया गया है। परछा के कंपोजिट स्कूल के अध्यापक मुकीमउद्दीन व उमाशंकर कुशवाहा ने बताया कि उनके यहां गैस सिलिंडर नहीं है। चूल्हे में खाना बनता है। फत्तेपुर स्थित प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक रामचंद्र कुशवाहा ने बताया कि चार्ज लेते समय दो सिलिंडरों में एक ही बिना पासबुक के मिला है।
कहते हैं मधुपिया गैस एजेंसी में प्रार्थना पत्र देकर कनेक्शन संचालित कराने की मांग की है। ऐसे ही क्षेत्र के अन्य कई स्कूलों में चूल्हे पर ही मिड डे मील बन रहा है। खंड शिक्षा अधिकारी राम गोपाल वर्मा ने कहा कि उनके संज्ञान में कई विद्यालयों में गैस उपलब्ध न हो पाने व सिलिंडर के अभाव में लकड़ी से खाना बनाए जाने की जानकारी मिली है। कहा उन्होंने अध्यापकों को नोटिस जारी कर हर दशा में गैस से ही खाना बनाने के निर्देेश दिए हैं।