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खाद आते ही समितियों में उमड़ी भीड़

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खाद के लिए रोड जाम किए महिला व पुरुष किसान। संवाद - फोटो : HAMIRPUR
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राठ। 10 दिन के इंतजार के बाद शुक्रवार को समितियों में खाद आने पर किसानों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। शाम होते होते क्रय विक्रय और ब्लॉक यूनियन समिति में खाद समाप्त हो गई। खाद से वंचित अनेक किसानों को मायूस होकर लौटना पड़ा। आक्रोशित महिलाओं ने समिति के सामने राठ जराखर मार्ग पर बैठकर जाम लगा दिया। सूचना पर कोतवाल राजेश चंद्र त्रिपाठी मौके पर पहुंचे और समझा बुझाकर जाम खुलवाया।
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खाद की किल्लत के बीच शुक्रवार को समितियों में खाद आते ही किसानों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। किसानों ने समितियों पर वितरण में अव्यवस्था का आरोप लगाया। बिगवां के अनिल, धीरज, बरेल के सोना, कस्बे की रामबाई, परा की पार्वती, औंड़ेरा के मुन्ना, कालीचरण, मानसिंह, जराखर के हरि सिंह, रामेश्वर दयाल, टोला के सूरज, नहदौरा के धर्मपाल आदि किसानों ने बताया सुबह 8 बजे से लाइन में लगे रहे, तब जाकर दोपहर बाद खाद मिल सकी।
राठ क्षेत्रीय सहकारी समिति में 1200 बोरी खाद उतरते ही लंबी लाइन लग गई। यहां लाइन में लगीं महिला किसान सुबह से बारी का इंतजार कर रहीं थीं। लींगा निवासी सरोज, कुम्हरिया की नर्वदा, सुनीता, दिवानपुरा की तारा, चिल्ली की सती आदि ने बताया उनके परिजनों को खाद देने से इनकार कर दिया। नर्वदा ने बताया कि वह गर्भवती हैं, दिन भर इंतजार से उनकी हालत बिगड़ गई।
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शाम साढ़े चार बजे तक उनका नंबर न आने पर सब्र जवाब दे गया। आक्रोशित महिलाओं ने समिति के सामने राठ जराखर मार्ग पर बैठ कर जाम लगा दिया। कोतवाल राजेश चंद्र त्रिपाठी मौके पर पहुंच गए। समझा बुझा कर जाम खुलवाया। वहीं समिति प्रभारी उमाकांत बादल ने कहा कि किसानों द्वारा अव्यवस्था फैलाने पर खाद मिलने में देरी हो रही है।
खाद की किल्लत से किसान परेशान
कुरारा। कस्बे के किसान खड्ग सिंह, बद्री सिंह, रमेश, रामकुमार, बीर सिंह आदि ने सरकारी केंद्रों में खाद उपलब्ध कराने की मांग की है।
348 बोरी खाद समिति के किसान ले गए
पौथिया। सहकारी समिति में 500 बोरी डीएपी खाद आते ही किसानों ने डेरा जमा लिया। सचिव बालेंद्र पाल ने बताया कि 152 बोरी नगद और 348 बोरी किसानों को चेक से उधार बांटी गई।
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