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राजनीति करते गोरक्षक, पशुपालकों के घरों में खूंटे सूने

Mon, 08 Aug 2016 12:05 AM IST
ब्यूरो अमर उजाला, हमीरपुर
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मुख्यालय में अन्ना घूमती गायें। - फोटो : अमर उजाला
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पीएम नरेंद्र मोदी ने शनिवार को गोरक्षा के नाम पर गोरखधंधा करने वालों को जमकर लताड़ा। इससे इस बात कलई तो खुल गई कि लोग गोरक्षा के नाम पर सिर्फ राजनीति चमका रहे हैं। बुंदेलखंड में खेत से लेकर सड़क तक गोवंश फैला है। पशुपालकों के घरों में खूंटे सूने हैं। गोवंश का दंभ भरने वालों के घरों में गाय नहीं मिलेगी। भूसा-चारा की कमी के चलते हजारों छुट्टा देशी नस्ल की गायों का सिर्फ ऊपर वाला ही रखवाला है। जिले में सैकड़ों गायों की अकाल मौत के बावजूद गौशाला खोलने की तरफ हुए प्रयास अधूरे हैं। फसलों को बर्बाद कर रही गायों को लेकर प्रशासन ने पुलिस को लगाया है। इतना सब होने के बावजूद जिले में गोरक्षक गायों की मदद करने से दूर हैं।
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विकासखंड कुरारा के झलोखर गांव में भुइंयारानी गौशाला निजी संसाधनों से संचालित है। जिसमें 110 गायें हैं। संचालक अपने खुद के प्रयास से गायों को भूसा चारा का इंतजाम कर रहे हैं। बरसात होने पर इन गायों को चरवाहे हरा चारा खिलाकर पेट भर रहे हैं। बीती गर्मियों में भरुआ सुमेरपुर कस्बे में तपोभूमि पर गौशाला खोली गई।

इसमें लोगों ने चंदाकर गायों की जान बचाने के लिए भूसा का इंतजाम किया। लेकिन जैसे ही बरसात हुई गायों क ो अन्ना कर दिया गया है। जिले में पशुपालकों ने भूसे चारे की व्यवस्था न होने पर रबी अभियान के बीच मवेशियों को छुट्टा कर दिया। हजारों की संख्या में अन्ना घूमने वाले मवेशियों ने किसानों की तैयार फसलों में जमकर नुकसान पहुंचा। हालत यह है कि बड़ी आबादी के गांवों से लेकर कस्बों में हजारों की संख्या में मवेशी बीच सड़क पर रात गुजार रहे हैं।
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इधर खेतों में खड़ी फसलों पर अन्ना गायों का हमला जारी है। बीते सप्ताह से पौथिया, स्वासा, बिवांर जैसे तमाम गांवों में किसान बैठक कर अन्ना मवेशियों से निजात पाने की जुगत भिड़ा रहे हैं। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. विजय सिंह ने कहा कि जिले में वह अभी हाल में आए हैं। गौशाला स्थापित करने संबंधी उन्हें जानकारी नहीं है। वह देखेंगे, इसके बाद गौशाला निर्माण पर पहल करेंगे।
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