ॲभरुआसुमेरपुर। गल्ला मंडी में संचालित तीनों गेहूं खरीद केंद्रों में चौथे दिन भी बोहनी नहीं हो सकी। सोमवार को जिला खाद्य विपणन अधिकारी एवं पीसीएफ के जिला प्रबंधक ने केंद्रों का निरीक्षण कर प्रभारियों को दिशा-निर्देश दिए।
ब्लॉक के 110 किसानों ने गेहूं बेचने के लिए पंजीयन कराया है, लेकिन कोई बेचने नहीं आया है। सोमवार को जिला खाद्य विपणन अधिकारी बृजेश कुमार यादव, पीसीएफ के जिला प्रबंधक दिनेश कुमार ने निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
जिला खाद्य विपणन अधिकारी ने बताया कि गेहूं बेचने वाले किसानों को पंजीयन कराने के साथ बैंक खातों में आधार लिंक कराने के साथ एनपीसीआई मैपर में अपडेट कराना होगा। तभी भुगतान खाते में जाएगा। कहाकि केंद्र में आने वाले किसानों का गेहूं खरीदने के पूर्व ई पॉश मशीन में अंगूठा लगवाना अनिवार्य होगा।
केंद्रों में हाट शाखा के प्रभारी सुनील कुमार, क्रय विक्रय सहकारी समिति के प्रभारी शुभम त्रिपाठी, पीसीएफ किसान सेवा केंद्र के प्रभारी शिव सिंह मौजूद मिले।
मौदहा। गेहूं खरीद केंद्रों में ई-पाश मशीन उपलब्ध नहीं है। सिर्फ हॉट शाखा प्रभारी के पास ई-पाश मशीन है। यही वजह है कि एक भी किसान खरीद केंद्र में नहीं पहुंचा है।
वर्तमान में हॉट शाखा केंद्र प्रभारी को छोड़ अन्य केंद्रों के प्रभारियों को सोमवार को ई-पाश मशीन उपलब्ध कराने के लिए सुमेरपुर बुलाया गया। सरकार ने गेहूं का सरकारी मूल्य दो हजार पंद्रह रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया है। जबकि मंडी समिति के आढ़ती 1950 से लेकर दो हजार रुपये प्रति क्विंटल गेहूं खरीद रहे हैं।
जिसके चलते किसान खरीद केंद्रों में रजिस्ट्रेशन कराने से लेकर गेहूं बेचने तक होने वाली झंझटों से बचने से आढ़तियों को अपना गेहूं बेच रहे हैं। संवाद