श्रीकृष्णराज कालेज परिसर में लगी ग्रामीणों की भीड़।
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विकासखंड सुमेरपुर के छानीबुजुर्ग गांव में गुरुवार को राशन की दुकान के आवंटन की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी। वोटिंग शुरू हुई लेकिन कुछ महिलाओं के एक से ज्यादा बार वोटिंग करने से मामला हंगामे में बदल गया। पुलिस ने लोगों को नियंत्रित करने के लिए हल्का बल प्रयोग कर मामला शांत कराया। बैठक में लॉटरी एवं हाथ उठाने की प्रक्रिया लोगों ने नकार दी। तब वोटिंग शुरू हुई लेकिन कुछ महिलाओं के एक से ज्यादा बार वोटिंग करने से मामला हंगामे में बदल गया। पुलिस ने लोगों को नियंत्रित करने के लिए हल्का बल प्रयोग कर मामला शांत कराया। इस बीच विकासखंड कार्यालय से आए नोडल अधिकारी कालीदीन ने कार्रवाई स्थगित कर दोबारा चुनाव कराने की बात कही।
गांव में राशन की दुकान पिछड़े वर्ग के लिए आरक्षित की गई है। गुरुवार को राशन की नई दुकान के आवंटन के लिए गांव के श्रीकृष्णराज इंटर कालेज में बैठक बुलाई गई। बैठक की शुरुआत में फूलचंद्र प्रजापति, गुलजारी, चरन सिंह, पोल्हू उर्फ मुन्ना यादव, बऊवा भुर्जी, बऊवा सचान, सुबराती व भूरा साहू ने आवेदन दाखिल किए।
ब्लाक से राशन की दुकान के आवंटन को चयनित नोडल अधिकारी सहायक खंडविकास अधिकारी कालीदीन ने लॉटरी या हाथ उठाने की बात कही। लेकिन मौजूद ग्रामीणों ने इसका विरोध किया। जिस पर सर्वसम्मति से वोटिंग शुरू कराई गई। करीब 200 वोट डालने के बीच कुछ महिलाओं के एक से अधिक बार वोट डालने पर विवाद होने लगा।
इसे लेकर अंदर और कालेज के बाहर मौजूद ग्रामीण हंगामा करने लगे। मामला बढ़ता देख थाना बिवांर से आए थानेदार भोजराज ने लोगों को समझाने की कोशिश की। लेकिन जब ग्रामीण शांत नहीं हुए तो इसमें पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा।
ग्रामीणों की नारेबाजी और हंगामा होने से बढ़ रहे मामले को बिगड़ता देख नोडल अधिकारी ने राशन की दुकान के लिए अगली बैठक बुलाने की घोषणा कर दी। इस पर ग्रामीण शांत हो गए। कोटे की दुकान को लेकर पंचायत सचिव नीरज सचान, सचिव रामपत यादव व दलजीत सोनकर सहित अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।