कार्यशाला में शिक्षकों को प्रशिक्षण देते प्रशिक्षक।
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नि:शक्त बच्चों को शिक्षित करने के लिए माध्यमिक शिक्षा अभियान के तहत ओरियंटेशन आफ प्रिंसिपल, एजूकेशनल एडमिनिस्ट्रेटर्स पैरेंटस/ गार्जियंस की एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन जीआईसी में किया गया। इसमें विशेषज्ञों ने विकलांगता जांचने व उन्हें शिक्षित करने के तरीकों की जानकारी दी।
मुख्यालय के जीआईसी में हुई कार्यशाला में श्रवण, दृष्टिबाधित, लो-विजन, बधिरांध, मानसिक मंद आदि नि:शक्त बच्चों की पहचान करने और उन्हें शिक्षित करने के तरीकों की जानकारी जिले के राजकीय विद्यालयों से आए 30 शिक्षकों को दी गई। अमित अवस्थी (दृष्टिदोष), मनीष तिवारी (मानसिक विकलांगता), दिनेश कु मार (श्रवण बाधित) व राघवेंद्र राजपूत (स्पेशल एजूकेटर) ने जानकारी दी।
डीआईओएस डा.चंद्रशेखर मालवीय ने बताया कि जिले में अब तक 36 बच्चे चिह्नित किए गए हैं। इन्हें शासन से मिलने वाली सुविधाएं दिलाई जाएंगी। साथ ही इन्हें शिक्षित करने के लिए ब्लाक स्तर पर व्यवस्था की जा रही है। इस मौके पर राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के जिला समन्वयक सुरेश चंद्र शुक्ला व वित्त लेखाधिकारी शरद वर्मा आदि मौजूद रहे।