हमीरपुर। एससीएसटी एक्ट कोर्ट के विशेष न्यायाधीश रनवीर सिंह की अदालत ने बुधवार को एक फैसला सुनाया है। घर में घुसकर दलित पिता-पुत्र को पीटने के चार दोषियों को पांच-पांच साल का कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही विभिन्न धाराओं में 72 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। जुर्माना न देने पर अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
मझगवां थाना क्षेत्र के टोला रावत गांव निवासी रमेश ने पुलिस को सूचना दी थी कि 10 मई 2007 को जब वह राजेंद्र महाराज के घर जा रहा था तभी चुनावी रंजिश में चुल्ला उर्फ हरिश्चंद्र, बालादीन, दीनदयाल व पूरन ने अचानक लाठी डंडा व कुल्हाड़ी से हमला कर दिया। शोर सुनकर गांव के लोगों ने बचाया तो किसी तरह छूट कर घर भागा। पीछे से चारों आरोपी आए तभी वहां खड़े दलित मंगल सिंह व उसके पिता स्वामीदीन को पीटने लगे। उक्त दोनों अपने घर में घुस गए तो आरोपियों ने घर में घुसकर पीटा। पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर विधिक कार्रवाई की। विवेचक ने आरोप पत्र कोर्ट में पेश किया। विशेष न्यायाधीश रनवीर सिंह की अदालत में चले ट्रायल में पीड़ित पक्ष की ओर से पेश किए गए गवाह, साक्ष्यों के आधार पर चारों आरोपियों को दोषी करार दिया। चारों आरोपियों को घर में घुसकर मारपीट, एससीएसटी एक्ट समेत विभिन्न धाराओं में अधिकतम पांच-पांच साल कारावास के साथ 72 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। सभी सजाएं साथ साथ चलेंगीं।