हमीरपुर। 15 साल पुराने धोखाधड़ी के मामले में डकैती कोर्ट के विशेष न्यायाधीश राजीव कुमार-2 की अदालत ने पिता-पुत्र को दोषी करार दिया है। दोनों को तीन-तीन वर्ष के साधारण कारावास के साथ पांच-पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
राठ थाना क्षेत्र के कस्बा निवासी देववती ने सात मई 2011 को पुलिस को शिकायती पत्र दिया था। आरोप लगाया था कि उसने खसरा नं. 390 रकवा 0.623 हेक्टेयर का एक चौथाई भाग सिकंदरपुरा राठ निवासी बलवान सिंह से 29 अगस्त 2006 को खरीदा था। आरोप था कि गंगाराम और उसके पुत्र वीरेंद्र व रामभुवन कब्जा किए है। आरोपी भूखंड खाली करने के नाम पर तीन लाख रुपये की मांग करने लगा। पुलिस ने सूचना के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की। पुलिस ने विवेचना के बाद गंगाराम व वीरेंद्र के खिलाफ कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया था। सुनवाई के दौरान अभियोजन की ओर से पांच गवाह और साक्ष्य पेश किए गए।
साक्ष्यों और दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद विशेष न्यायाधीश ने गंगाराम और उसके पुत्र वीरेंद्र को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई।