हमीरपुर। जिले में स्वयं सहायता समूहों से जुड़ीं महिलाओं को अब मेलों और प्रदर्शनियों में भाग लेने से पहले पंजीकरण करवाना अनिवार्य होगा। बिना पंजीकरण वाले समूहों को सरकारी या अधिकृत प्रदर्शनियों में उत्पादों की बिक्री के लिए स्टॉल लगाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
जिला ग्रामीण विकास अभिकरण (डीआरडीए) ने महिलाओं की सुरक्षा और समूहों की गतिविधियों को बेहतर ढंग से संचालित करने के उद्देश्य से यह व्यवस्था लागू की है। सभी स्वयं सहायता समूहों को संबंधित विकास खंड अधिकारी (बीडीओ) कार्यालय में पंजीकरण करवाने के निर्देश दिए गए हैं।
पंजीकरण के बाद ही समूहों को मेलों, उत्सवों और अन्य प्रदर्शनियों में भाग लेने का अवसर मिलेगा। इससे जिले में सक्रिय स्वयं सहायता समूहों की पहचान हो सकेगी और महिलाओं को सुरक्षित माहौल में अपने उत्पाद बेचने का मौका मिलेगा।
ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाएं हस्तशिल्प, खाद्य सामग्री, पारंपरिक वस्तुएं, कपड़े, सजावटी सामान और जैविक उत्पाद तैयार कर स्वरोजगार से जुड़ी हैं। मेलों के माध्यम से उन्हें उत्पादों की बिक्री और आय बढ़ाने का अवसर मिलता है।
पंजीकृत समूहों को ही मेलों और अन्य आयोजनों में स्टॉल लगाने का अवसर दिया जाएगा। इससे महिलाओं की सुरक्षा और व्यवस्थाओं को बेहतर बनाया जा सकेगा। -अस्मिता ठाकुर, उप निदेशक-सह-परियोजना अधिकारी, डीआरडीए