महोबा। कड़ी मेहनत के बाद उपज तैयार होने पर अब उसे बेचने के लिए भी किसानों को जद्दोजहद करनी पड़ रही है। खरीद केंद्रों में कई किसान ट्रैक्टर-ट्रॉली में मूंगफली लादकर पांच दिन से डेरा जमाए हैं, लेकिन उनकी मूंगफली नहीं बिक पा रही है। ऐसे में किसान भीषण ठंड के बीच खुले आसमान के नीचे रात गुजारने को मजबूर हैं। ट्रैक्टरों व पिकअप का भाड़ा उन्हें जेब से अदा करना पड़ रहा है।
जिले में मूंगफली खरीद के लिए छह केंद्र खोले गए हैं। बाजार में मूंगफली का भाव 4000 रुपये प्रति क्विंटल चल रहा है जबकि खरीद केंद्र में समर्थन मूल्य योजना के तहत 6,783 रुपये क्विंटल मूंगफली बिक रही है। ऐसे में किसान खरीद केंद्रों में पहुंच रहे हैं। पचपहरा केंद्र में झांसी-मिर्जापुर हाईवे के दोनों ओर 50 से अधिक मूंगफली लदे ट्रैक्टर पांच दिन से खड़े हैं। बुधवार को खरीद न होने पर किसानों ने हाईवे पर जाम लगाकर नारेबाजी की थी। इसके बाद बृहस्पतिवार को महज चार किसानों की ही मूंगफली की खरीद हो सकी।
अपनी बारी आने का इंतजार कर रहे किसानों को समय के साथ रुपयों की बर्बादी करनी पड़ रही है। टीकामऊ गांव के किसान सुरेश पटेल, पवा के मनमोहन ने बताया कि वह पांच दिन से खरीद केंद्र के बाहर खड़े हैं। ट्रैक्टर और पिकअप का प्रतिदिन एक हजार रुपये भाड़ा लग रहा है। रूखी-सूखी खाकर वह खुले आसमान के नीचे रात गुजार रहे हैं। उधर, जिला विपणन अधिकारी उदित नारायण का कहना है कि नियमानुसार किसानों की मूंगफली की खरीद कराई जा रही है। वह स्वयं केंद्रों पर जाकर निरीक्षण कर रहे हैं।