कस्बे की कृषि उत्पादन मंडी समिति में पानी का संकट है। मंडी में सैकड़ों किसान अनाज बेचने आ रहे हैं। लेकिन उन्हें और व्यापारियों को प्यासे ही रहना पड़ता है।
कृषि उत्पादन मंडी समिति 44 एकड़ एरिया में फैली है। जिसमें प्रतिदिन किसानों और व्यापारियों का जमावड़ा रहता है। मंडी समिति में पेयजल के लिए एक नलकूप और टंकी का निर्माण करीब दस वर्ष हुआ था। नलकूप ठप है। समिति परिसर में बिछाई गई पाइप लाइनें ध्वस्त हो चुकी हैं। स्थिति यह है कि किसानों के मवेशियों को पानी पिलाने तक की व्यवस्था नहीं है।
टंकियां, स्टैंड पोस्ट गिरकर बर्बाद हो गए हैं। मंडी समिति में मौजूदा समय में आठ में से एक हैंडपंप ही सही है। मंडी समिति के प्रभारी सचिव सतीश यादव ने बताया कि पानी की आपूर्ति के लिए लगातार लिखा जा रहा है। बिगड़े हैंडपंपों को ठीक कराने के लिए मंडी प्रभारी/उपजिलाधिकारी से वार्ता की है और शीघ्र ही सभी हैंडपंपों को ठीक करा दिया जाएगा। वहीं स्थायी रूप से खराब पड़े हैंडपंपाें के रिबोर के लिए अधिकारियों से संपर्क किया गया है।