भरुआसुमेरपुर। पांच माह से अंडरग्राउंड केबल ध्वस्त होने से कस्बे के एक चौथाई हिस्से की विद्युत आपूर्ति ग्रामीण क्षेत्र के फीडर से दी जा रही है। ग्रामीण क्षेत्र में किसी भी तरह का फाल्ट आते ही आपूर्ति ठप हो जाती है। इससे कस्बावासी परेशान होते हैं। विद्युत विभाग के जिम्मेदार अधिकारी बजट का अभाव बताकर कार्य कराने में आनाकानी कर रहे हैं। जिसका सीधा खामियाजा कस्बे के उपभोक्ताओं को उठाना पड़ रहा है।
कस्बे की विद्युत आपूर्ति चकाचक करने को करीब पांच वर्ष पूर्व कस्बे के 33/11 सबस्टेशन से थाना चौराहा तक 11 हजार वोल्ट की सप्लाई के लिए अंडरग्राउंड केबल बिछाई गई थी। इस केबल लाइन से कस्बे को आपूर्ति दी जाती थी। इसकी आपूर्ति में फाल्ट का कोई झंझट नहीं था और आपूर्ति में भी काफी हद तक सुधार था। गत फरवरी माह में फाल्ट आने पर पशु बाजार तिराहा से थाना चौराहा तक अंडरग्राउंड केबल ध्वस्त हो गई है। इसके ध्वस्त होते ही कस्बे की आपूर्ति ठप हो गई थी। लिहाजा आपूर्ति बहाल करने के लिए कस्बे को ग्रामीण क्षेत्र के बड़ागांव पत्योरा फीडर से जोड़ दिया गया। तबसे कस्बे की आपूर्ति ग्रामीण फीडर से की जा रही है। ग्रामीण क्षेत्र में फाल्ट आने से कस्बे की सप्लाई भी ठप हो जाती है।
इससे उपभोक्ताओं को मुसीबतों का सामना करना पड़ता है। नगर उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष महेश गुप्ता दीपू, नगर चेयरमैन अनुज शिवहरे, जिला उपाध्यक्ष अनिल परनामी ने बताया ग्रामीण फीडर से जोड़कर चलाने के बाद कस्बे की आपूर्ति में आए दिन व्यवधान पैदा होता है। जिसका सीधा असर कस्बे के उद्योग धंधों पर पड़ रहा है। व्यापारी नेताओं का आरोप है कि अवर अभियंता से शिकायत करने पर लोकल फाल्ट की बात बताकर पल्ला झाड़ रहे हैं। उधर अवर अभियंता रविंद्र कुमार साहू ने बताया अंडरग्राउंड केबल बदलने के लिए एस्टीमेट बनाकर अधिकारियों को भेजा गया है। जल्द ही इसको स्वीकृत प्राप्त होने पर कार्य शुरू होगा।