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बाढ़ से घिरे गांवों में एक हफ्ते से बिजली नहीं

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पत्योरा (हमीरपुर)। जिले में बाढ़ अपना कहर बरपा रही है। नदी के किनारे बसे गांवों में हफ्ते भर से बिजली नहीं है। विद्युत विभाग जानकारी होने के बावजूद इन गांवों को बिजली उपलब्ध कराने में नाकाम है। इससे पहले आई बाढ़ के दौरान तत्कालीन डीएम के निर्देश पर सुमेरपुर सबस्टेशन से बिजली मुहैया कराई गई थी। उपभोक्ताओं ने सीएम हेल्पलाइन समेत अधिकारियों से बिजली व्यवस्था बहाल कराए जाने की गुहार लगाई हैं।
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बाढ़ से घिरे कारीमाटी गांव के इंद्रपाल सिंह चंदेल हाथ पंखा चलाते मिले। कहा बरसात का सीजन है। ऐसे में जीव-जंतु निकलते हैं। वहीं कुटकी, मच्छर का अत्यधिक प्रकोप है। एक सप्ताह से बिजली न आने से समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। भीषण गर्मी व उमस से जीना दुश्वार है। सीएम हेल्पलाइन में शिकायत भी दर्ज कराई है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं है। टिकरौली निवासी मिंटू महाराज ने कहा, पहले तो राशन दुकानों से जलाने के लिए मिट्टी का तेल मिल जाता था। जिससे उजाले की व्यवस्था हो जाती थी। अब तो सरकार ने उसे भी बंद कर दिया है।
एक सप्ताह से दो सौ रुपये किलो का सरसों तेल जलाना पड़ रहा है। बच्चे सारी रात सो नहीं पाते हैं। पिछले साल इस समस्या का निराकरण तत्कालीन डीएम ने सुमेरपुर सब स्टेशन से बिजली जुड़वाकर कराया था। पोल व तार आदि खींचकर लाइन तैयार की गई थी जो आज भी है। सैकड़ों लोग वैक्सीन की प्रथम डोज लगवाकर आए हैं। बिना लाइट बेचैनी हो रही है।
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टिकरौली निवासी राजू पाल ने बताया यमुना-बेतवा में भीषण बाढ़ कहर बरपा रही है। जिससे आधी आबादी प्रभावित है। लेकिन अभी तक कोई भी जिम्मेदार अधिकारी व कर्मचारी गांव नहीं आया है। न ही लोगों को बाढ़ प्रति जागरूक किया है। प्रभावितों के लिए कोई व्यवस्था नहीं की गई है।
कोविड अस्पताल को बिजली आपूर्ति की जा रही है। जिससे फीडर में लोड अधिक है। लाइनमैन को भेजकर लाइन दिखवाएंगे। अगर चलने लायक होगी। तो बिजली आपूर्ति कराई जाएगी। -आलमगिरि, एसडीओ
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वर्क लोड होने के कारण ध्यान नहीं दे पाए। अभी एसडीओ को बोलकर जल्द बिजली आपूर्ति कराई जाएगी। -राजकुमार, अधीक्षण अभियंता विद्युत
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