हमीरपुर। किशोरी की हत्या के 15 साल पुराने मामले में अपर सत्र न्यायाधीश दस्यु प्रभावित क्षेत्र रनवीर सिंह ने दोषी मृतका के पिता को आजीवन कारावास व 25 हजार रुपये अर्थदंड लगाया है। किशोरी अपने जीजा के दोस्त से शादी की जिद कर घर से चली गई थी। उसके पिता ने अपने दामाद से कह बेटी की हत्या कराई थी। सुनवाई के दौरान दामाद की मौत हो चुकी है।
सुमेरपुर थानाक्षेत्र के टेढ़ा गांव निवासी सुभाषचंद्र ने थाने में गांव के ही बालेंद्र सिंह, शिवमंगल, दलपत व उसके बेटे ब्रजेश के खिलाफ 16 वर्षीय बेटी के अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई। जांच में जुटी पुलिस को कुछ दिनों बाद किशोरी का शव महोबा में मुढहार स्थित बाबूलाल तिवारी के खेतों में पड़ा मिला। इसके बाद पुलिस ने घटना के असली आरोपियों को खोज निकाला। इसमें सुभाष चंद्र के कहने पर उसकी बड़ी बेटी के पति भूपेंद्र निवासी कचनारी थाना गैसावाद जिला दमोह मध्य प्रदेश हाल मुकाम छतरपुर मध्य प्रदेश द्वारा हत्या करने की बात सामने आई। पुलिस ने चार्जशीट मृतका के पिता सुभाष चंद्र व उसके दामाद भूपेंद्र के खिलाफ न्यायालय में पेश की। इस पर अदालत ने सुभाष चंद्र को आजीवन कारावास सुनाया। वहीं, भूपेंद्र की मौत होने के कारण उसका मामला 11 फरवरी 2025 को बंद कर दिया गया।