नालों की सफाई कराने में नगर पालिका की ढिलाई बारिश में भारी पड़ने वाली है। 15 जून के बाद बरसात की संभावना बढ़ जाती है। ऐसे में अगर समय रहते सफाई का काम पूरा नहीं हुआ तो फिर एक बार शहर को जलभराव की समस्या से जूझना पड़ेगा।
कांशीराम कालोनी, अकिल तिराहा, मौदहा बांध निर्माण खंड कार्यालय, प्रधान डाकघर, कोतवाली के सामने, सीएमओ कार्यालय के सामने, कृषि बीज भंडार के पास, जिला उप कृषि निदेशक कार्यालय, कलेक्ट्रेट परिसर, पुलिस कार्यालय समेत कई स्थानों के नालों में पालिका सफाई करने की बात कह रही है। इक्का दुक्का स्थानों पर ही नाला सफाई का काम होता दिख रहा है। 15 जून तक सभी नालों की सफाई करने के निर्देशों के बाद भी पालिका का काम ढीलाढाला है। पुलिस परेड ग्राउंड के अंदर से निकले नाले की सफाई का काम चल रहा है।
विवेक नगर में भी बरसात में जलभराव की समस्या रहती है। मोहल्ले में सुभाष बाजार सहित अन्य मोहल्लों का पानी यहां एकत्र होता है लेकिन पानी निकलने की क्षमता कम होने से लोग नाले की चौड़ाई कराए जाने की मांग लंबे समय से कर रहे हैं। कई लोगों ने बरसात का पानी घरों के अंदर भरने पर पुराई कराई है ताकि गंदा पानी अंदर न घुस सके। बस स्टॉप में मेन सड़क के दो तरफ नाले बने हैं लेकिन कचरा जाम रहने से हल्की बारिश में घंटों सड़क के ऊपर से पानी बहता रहता है। इससे सड़क भी क्षतिग्रस्त होती है।
मौदहा कस्बे में एक दर्जन से अधिक बड़े नालों की सफाई अधर में लटकी है। मौसम विभाग 15 जून पहले बरसात होने की सूचना दे रहा है। ऐसे पालिका को समय से नालों की सफाई कराने के निर्देश है। पिछले साल नालों की सफाई में कोताही बरती गई। बरसात होते ही पालिका की पोल खुल गई। सफाई कार्य में कितना धन खर्च हुआ इसकी भनक किसी को नहीं लग सकी। कस्बे का सबसे बड़ा नाला इलाही तालाब से पूर्वी तरौस, क्योटरा, निजामीपुरा व कपसा मार्ग पर बड़ेरी नाले में मिला है। क्योटरा और पूर्वी तरौस में नाला बजबजा रहा है। नाले में सीवर लाइनें पड़ी है। गंदगी से लोगों का जीना मुश्किल हो रहा है। स्टेशन मार्ग, नरहिया, कुम्हरौड़ा, बाजार, फत्तूबाबा, मलीकुआं चौराहा, काठीपीर बाबा, बड़ी देवी मंदिर से गुजरे नाले अभी भी सफाई का इंतजार कर रहे हैं।