बिवांर कांड में नामजद आरोपी डीडीसी प्रत्याशी को बुधवार को प्रचार के दौरान पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के बड़े भाई पूर्व कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष युगराज भदौरिया बीच बचाव करने पहुंचे तो उन्हें भी मारपीट के एक मामले में पकड़ लिया। उन्होंने पुलिस पर चुनाव बिगाड़ने का आरोप लगाया है। मुकेश को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया।
25 जुलाई को छात्रा स्वीकृति खरे ने छेड़खानी की घटना के बाद आग लगाकर आत्महत्या कर ली थी। इसके बाद मृतका के परिजनों और ग्रामीणों ने जमकर हंगामा किया था। बवाल के दौरान पुलिस की फायरिंग में एक युवक की मौत होने से नाराज लोगों ने कई वाहनों में आग लगा दी थी। इस मामले में पुलिस ने 34 लोगों पर नामजद और 900 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था।
इसमें कस्बा निवासी डीडीसी प्रत्याशी मुकेश भदौरिया को भी आरोपी बताया। बुधवार को मुकेश के समर्थकों संग प्रचार करने के दौरान पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। इससे नाराज समर्थकों ने नारेबाजी शुरू कर दी। मुकेश के परिजन मौके पर पहुंच गए लेकिन पुलिस ने उनकी एक न सुनी। इसकी जानकारी मिलते ही मुकेश के बड़े भाई कांग्रेस के पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष युगराज भदौरिया भी वहां पहुंचे।
पुलिस ने उन्हें भी एक पुराने मामले में वारंट होने के चलते गिरफ्तार कर लिया और दोनों को सदर कोतवाली ले गई। कोतवाली प्रभारी पीके यादव ने बताया कि मुकेश बिवांर कांड का आरोपी है। वहीं सन 2000 में जेल रोड मेहेरपुरी निवासी अतुल चौहान के साथ मारपीट करने का मामला युगराज भदौरिया के खिलाफ दर्ज किया गया था। इसी मामले में 27 जुलाई को वारंट जारी हुआ था, इसमें उन्हें गिरफ्तार किया गया है।
मामले में एपीओ से रिपोर्ट मांगी गई है। वहीं युगराज भदौरिया का कहना है कि प्रशासन द्वारा अनुमति न दिए जाने पर जनसंपर्क कर रहे थे। तभी पुलिस ने किस मामले में गिरफ्तार किया, उन्हें बताया तक नहीं गया। घटना से नाराज ग्रामीणों ने भाजपा द्वारा सीबीआई जांच कराने को झूठ का पुलिंदा बताया। ग्रामीणों ने आंदोलन की बात कही है।
कांग्रेसियों ने की निंदा
कांग्रेसी नेता युगराज भदौरिया और उनके भाई मुकेश भदौरिया की गिरफ्तारी पर पार्टी ने निंदा व्यक्त की है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी सदस्य एजाज अहमद के आवास पर हुई बैठक में दोनों को तत्काल रिहा करने की मांग की गई।
कहा कि कांग्रेस हर स्तर पर प्रशासन का विरोध करेगी। मौके पर नगर अध्यक्ष कालूराम निषाद, देवदत्त भार्गव, जगदीश शंखवार, अंजनी गुप्ता, सर्वनाथ सिंह, रामकुमार सैनी आदि कांग्रेसी मौजूद रहे।