भरुआसुमेरपुर। बस स्टैंड के पास एक गेस्ट हाउस में हो रही श्रीमद्भागवत कथा में अयोध्या से आए कथा व्यास कृष्णकांत महाराज ने श्रीकृष्ण जन्मोत्सव की कथा सुनाई। इस दौरान पंडाल ‘नंद घर आनंद भयो जय कन्हैया लाल की’ के उद्घोष से गूंज उठा।
गुरुवार को कथा के पांचवें दिन कृष्णकांत महाराज ने राम जन्म एवं कृष्ण जन्म की कथा सुनाकर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। पूरा कथा पंडाल जय श्रीकृष्ण जय श्रीराम के उद्घोष से गुंजायमान हो उठा। कथा के आयोजक मुन्नीलाल गुप्ता, सूरजकली गुप्ता, अशोक गुप्ता, दिनेश गुप्ता, राकेश गुप्ता, कुलदीप गुप्ता, संदीप गुप्ता,प्रदीप गुप्ता, मोनू गुप्ता, गोपीकिशन, सोनू गुप्ता, उमाकांत गुप्ता, सीता गुप्ता, उर्मिला गुप्ता, अंजली गुप्ता, श्रद्धा गुप्ता, शिल्पी गुप्ता आदि मौजूद रहे।
रिठारी में फक्कड़ बाबा स्थान पर हो रही श्रीमद्भागवत कथा में गुरुवार को कथा वाचक भागवत प्रसाद द्विवेदी ने श्रीकृष्ण व रुक्मणी विवाह का प्रसंग सुनाया। कथा सुनकर श्रद्धालु मंत्रमुग्ध हो गए।
कथावाचक ने बताया कि रुक्मणि का भाई उसकी शादी शिशुपाल से करना चाहता था। जबकि रुक्मणी श्रीकृष्ण से विवाह करना चाहती थीं। उन्होंने दूत भेजकर श्रीकृष्ण के पास संदेश भेजा। इस पर कृष्ण बड़े भाई बलदाऊ के साथ पहुंचे और रुक्मणी को देवीपूजन करने के बाद रथ में बैठाकर द्वारिका ले आए। इसके बाद दोनों का विवाह हुआ।