भरुआसुमेरपुर। आर्य समाज का चार दिवसीय 43वां वार्षिक समारोह विश्व कल्याण महायज्ञ के साथ शुरू हुआ। इसके पूर्व कस्बे में भव्य शोभायात्रा निकाली गई।
कस्बे के मैथिलीशरण मार्ग पर सिंगल दुबे के हाता में शुरू चार दिवसीय समारोह का शुभारंभ शोभायात्रा के साथ हुआ।
प्रथम दिन हरियाणा के पलवल से आए स्वामी श्रद्धानंद महाराज ने यज्ञ पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह पर्यावरण को संतुलित करता है। इसलिए सभी को घर-घर यज्ञ करना चाहिए। उन्होंने वेदों की महत्ता पर प्रकाश डाला। आचार्य वेदप्रकाश श्रोत्रिय, कल्याण वेदी, रामेश्वर आर्य, विवेक कुमार आर्य, उमेश आर्य, प्रेम कुमार श्रीवास्तव, रामबिहारी शुक्ल आदि लोग मौजूद रहे।
भजन से मानव जीवन होता है सफल
भरुआसुमेरपुर। कस्बे के पशु बाजार के निकट उंछा थोक में श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन कथा व्यास संतराम आचार्य ने कहा कि भगवान का भजन करने से मानव जीवन सफल हो जाता है। मनुष्य को सहज, सरल व शालीन होना चाहिए और यह तभी संभव हो सकता है। जब हम अपने महापुरुषों राम, कृष्ण, भरत आदि द्वारा बताए गए मार्ग पर चलने का प्रयास करेंगे। कथा सुनने के लिए भारी भीड़ उमड़ी। संवाद