कलक्ट्रेट सभागार में सिंचाई के संबंध में बैठक लेते जिलाधिकारी।
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गेहूं फसल की सिंचाई के लिए किसानों को पर्याप्त पानी उपलब्ध न करा पाने के मामले में जिलाधिकारी ने कहा कि लापरवाही बरतने पर कार्रवाई तय है। उन्होंने सिंचाई विभाग के अभियंताओं के साथ बैठक में किसानों को हर हाल में पानी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अगर फसलें नष्ट हुईं तो
अभियंता और जेई के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। कलक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक में जिलाधिकारी विशाख जी ने कहा कि किसानों को गेहूं फसल की सिंचाई के लिए नहरों में पर्याप्त पानी उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है। जिससे किसानों में असंतोष है। कहा कि किसानों की गेहूं की फसल पानी के अभाव में
सूख रही हैं। कहा कि अगर फसल नष्ट हुईं तो संबंधित अभियंता व जेई के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने मौदहा बांध की छानी, रागौल व सुमेरपुर ब्रांचों की समीक्षा की। पानी की रफ्तार धीमी होने की वजह पर सहायक अभियंता मौदहा बांध ने बताया कि 30 अक्तूबर से नहरें चालू की गईं थी। इधर, चार माह
तक पानी भरा रहने पर घास उग आई है। जिससे पानी की रफ्तार धीमी हो गई है। कहा कि नहरों की सफाई के लिए 20 मजदूरों को लगाया गया है। जिस पर डीएम ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि यह स्थित सही नहीं है। कहा कि आज ही तीनों ब्रांचों में जेई की टीमें भेजकर सफाई कराने के साथ उन्हें अवगत
कराया जाए। लिफ्ट कैनाल की समीक्षा में अधिशाषी अभियंता ने बताया कि यमुना व बेतवा नदी में चार-चार व दो केन नदी में लिफ्ट कैनाल हैं। जो छोटी-छोटी नहरें चालू कर किसानों को पानी दिया जा रहा है। डीएम ने कहा कि मौके पर जाकर देखें कि किसानों को सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध हो रहा है या नहीं। डीएम ने कहा कि हर दशा में किसान को पानी उपलब्ध कराएं इसमें लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक में सीडीओ एबी सिंह आदि मौजूद रहे।