स्कूलों में रिक्त पड़े अध्यापकों की जगह अब सरकारी स्कूलों में बच्चों की पढ़ाई को सुचारु रखने के लिए सेवानिवृत्त अध्यापकों की सेवाएं ली जाएंगी। जिला शिक्षण एवं प्रशिक्षण संस्थान गौना के प्रधानाचार्य जगदीश कौशल ने कहा कि इस योजना को सफल बनाने के लिए सेवानिवृत्त अध्यापकों का एक क्लब बनाने का विचार है।
इसका मूल उद्देश्य शिक्षा का उत्थान और नियमित अध्यापक के अवकाश पर जाने के दौरान बच्चों की पढ़ाई सुचारु रखना है। ऐसी स्थिति में स्कूल प्रभारी सेवानिवृत्त अध्यापकों की सेवाएं ले सकेंगे।
वहीं सेवानिवृत्त अध्यापक भी सेवानिवृत्ति के बाद अपने समय का सदुपयोग कर पाएंगे। बच्चों और नए अध्यापकों को भी उनके जीवन भर के अनुभव का लाभ मिल सकेगा। उन्होंने कहा कि सेवानिवृत्त अध्यापक अवैतनिक तौर पर अपनी सेवाएं देंगे।
शीघ्र ही सेवानिवृत्त अध्यापकों के क्लब का गठन किया जाएगा। जिला मीडिया समन्वयक सुनील कुमार का कहना है कि इसके लिए प्रक्रिया शुरू कर दी है। इच्छुक सेवानिवृत्त अध्यापक जिला शिक्षण एवं प्रशिक्षण संस्थान गौना में भी अपना पंजीकरण करवा सकते हैं।
अध्यापक अपनी सुविधा के अनुसार जिन स्कूलों में सेवाएं देना चाहते हैं, उन स्कूलों का नाम भी साथ लिखवा सकते हैं।